एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | राजधानी शिमला में चिट्टा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में पंजाब और चंडीगढ़ से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में दोनों मामलों में अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क से जुड़े कनेक्शन सामने आए हैं। इनमें एक आरोपी पाकिस्तान सीमा से सटे फाजिल्का के जलालाबाद क्षेत्र से पकड़ा गया है, जबकि दूसरे आरोपी की पहचान चंडीगढ़ के एक सहकारी बैंक कर्मचारी के रूप में हुई है। पुलिस ने स्थानीय स्तर पर चिट्टे के साथ पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद सप्लाई की पिछली कड़ियों की जांच शुरू की थी। इसी जांच के आधार पर तस्करों तक पहुंच बनाई गई।
पहला मामला, 10,500 रुपये के लेन-देन से खुली तस्करी की कड़ी
पहला मामला ढली थाना क्षेत्र का है। 28 अगस्त को भट्टाकुफर-ढली टनल मार्ग पर पुलिस ने एक टैक्सी की जांच के दौरान 6.5 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इस मामले में सुन्नी निवासी दुष्यंत (25) और आनी निवासी अक्षय शर्मा (24) को गिरफ्तार किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने चिट्टे की सप्लाई के स्रोत का पता लगाने के लिए आरोपियों के संपर्क और लेन-देन की पड़ताल की। पुलिस के अनुसार, इस दौरान 10,500 रुपये के वित्तीय लेन-देन और फोन कॉल के जरिये संपर्क की कड़ियां सामने आईं। जांच में फाजिल्का निवासी अजय कुमार (24) का नाम सामने आया। पुलिस का आरोप है कि अजय ने फाजिल्का से चिट्टा हासिल कर मोहाली में अक्षय शर्मा को बेचा था। सप्लाई नेटवर्क की जानकारी मिलने के बाद ढली थाना पुलिस की टीम पंजाब पहुंची। पुलिस ने 14 सितंबर को फाजिल्का जिले की जलालाबाद तहसील के मोजेवाला गांव में दबिश देकर अजय कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
दूसरा मामला : 9.31 ग्राम चिट्टे के साथ बैंक कर्मचारी गिरफ्तार
दूसरा मामला शिमला के सदर थाना क्षेत्र का है। 8 सितंबर को पुलिस ने कृष्णानगर निवासी सनमजीत (25) और सुमित सपरा (22) को पांच ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान पुलिस को सप्लाई नेटवर्क से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले। तकनीकी जांच और अन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मनीमाजरा, चंडीगढ़ निवासी गौरव तिशावर (31) तक पहुंच बनाई। पुलिस के अनुसार, गौरव एक सहकारी बैंक में कर्मचारी है और उस पर नौकरी के साथ कथित तौर पर चिट्टे की बिक्री से आर्थिक लाभ कमाने का आरोप है। पुलिस ने उसके मनीमाजरा स्थित घर की तलाशी ली, जहां से 9.31 ग्राम अतिरिक्त चिट्टा बरामद होने की बात कही गई है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दोनों मामलों में पुलिस ने जांच के दौरान सामने आई पिछली कड़ियों के आधार पर मुख्य आरोपियों तक पहुंच बनाई है। पुलिस गहनता से जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जिला पुलिस केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहते हुए पूरे तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। इस वर्ष 77 मुख्य तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 58 अंतरराज्जीय तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, केरला और बिहार से की गई है। अब तक 248 मामले दर्ज कर 507 आरोपियों की गिरफ्तार की जा चुकी है और करीब 5 किलो चिट्टा बरामद किया गया। – मेहर पंवार, एडिशनल एसपी, शिमला
