एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
हिमाचल पथ परिवहन निगम के रामपुर डिपो की बदहाल स्थिति को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीएम] की रामपुर लोकल कमेटी ने प्रदेश सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि डिपो में टायरों की भारी कमी और जर्जर बसों के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे यात्रियों के साथ-साथ चालक और परिचालक भी परेशान हैं।
सीपीएम रामपुर लोकल कमेटी के सचिव प्रेम चौहान ने जारी बयान में दावा किया कि रामपुर डिपो की करीब 32 बसें टायरों की कमी से प्रभावित हैं। इसके चलते कई बसों का संचालन नियमित रूप से नहीं हो पा रहा है, जबकि कई बसें तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में बंद हो जाती हैं। इससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रेम चौहान ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन जैसी महत्वपूर्ण सेवा की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनका आरोप है कि बसों के रखरखाव, समय पर टायर उपलब्ध कराने और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था नहीं होना सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
सीपीएम ने मांग की है कि रामपुर डिपो के लिए तत्काल पर्याप्त टायर उपलब्ध कराए जाएं, जर्जर बसों की मरम्मत कर उन्हें सड़क योग्य बनाया जाए तथा जरूरत पड़ने पर पुरानी बसों को बदला जाए। साथ ही परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने की भी मांग की गई है।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यात्रियों और एचआरटीसी कर्मचारियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन जिम्मेदार होंगे।
