एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | जिला अदालत ने एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत एक मामले में फैसला सुनाते हुए मुख्य दोषी को दो साल के कठोर कारावास और ₹20,000 जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को दो महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। मामले में शिमला निवासी सह-आरोपी आशीष कुमार को संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) देते हुए अदालत ने बाइज्जत बरी कर दिया है।
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शोघी बैरियर पर HRTC बस से हुई थी बरामदगी
मामला 7 दिसंबर 2022 का है, जब पुलिस थाना बालूगंज (पश्चिम) के तहत शोघी पुलिस बैरियर पर वाहनों की रूटीन चेकिंग की जा रही थी। इस दौरान दिल्ली से शिमला आ रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस को जांच के लिए रोका गया। बस में चेकिंग के दौरान सीट नंबर 30 पर बैठे दिल्ली निवासी इस्लाम के पिठ्ठू बैग की तलाशी ली गई। आरोपी ने बैग के अंदर रखे एक पोर्टेबल वायरलेस स्पीकर के भीतर बड़ी चालाकी से चिट्टा (हेरोइन) छिपा रखा था। तराजू से वजन करने पर कुल 20.20 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था।
स्पीकर के अंदर छिपाया था नशा
मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक (Public Prosecutor) ने गवाहों और फॉरेंसिक सबूतों को अदालत के समक्ष मजबूती से रखा। यद्यपि बचाव पक्ष ने गवाहों के बयानों में अंतर का तर्क दिया, लेकिन अदालत ने पाया कि दोषी इस्लाम के पास से नशे की बरामदगी और उसका सचेत कब्जा (Conscious Possession) पूरी तरह साबित होता है। दूसरी ओर, सह-आरोपी आशीष कुमार के खिलाफ कोई ठोस आपराधिक साक्ष्य न मिलने पर अदालत ने उसे बरी करने के आदेश दिए।
