एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
पीजी कॉलेज रामपुर की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रामपुर इकाई की ओर से 12 अगस्त से चल रही सांकेतिक भूख हड़ताल वीरवार को समाप्त हो गई। आंदोलन के समापन पर परिषद कार्यकर्ताओं ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ रोष जताया।
ABVP रामपुर विभाग के विभाग कार्यालय मंत्री शिवांश शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद लंबे समय से छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि परिषद की प्रमुख मांगों में छात्र संघ चुनाव बहाल करना, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से बढ़ाई गई फीस वापस लेना और पुराने बस अड्डे से राजकीय महाविद्यालय रामपुर के मुख्य द्वार तक पगडंडी का निर्माण करना शामिल है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हाल में की गई फीस वृद्धि से मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने के बजाय फीस में बढ़ोतरी करना छात्र हित में नहीं है।
शिवांश शर्मा ने कहा कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकार हैं। वर्ष 2013 में प्रदेश में छात्र संघ चुनाव बंद किए गए थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्री छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं, बावजूद इसके छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग पर विद्यार्थियों को अब तक आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने सरकार से इस संबंध में जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुराने बस अड्डे से राजकीय महाविद्यालय रामपुर के मुख्य द्वार तक पगडंडी निर्माण की मांग भी लंबे समय से उठाई जा रही है। इस मार्ग के बनने से कॉलेज आने-जाने वाले विद्यार्थियों को काफी सुविधा मिलेगी, लेकिन स्थानीय स्तर पर अभी तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ABVP ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। परिषद ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर उग्र प्रदर्शन और विधानसभा घेराव जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और संबंधित प्रशासन की होगी।
