एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | खेल, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता की मिसाल पेश करते हुए हिमालयन एडवेंचर स्पोर्ट्स एंड टूरिज्म प्रमोशन एसोसिएशन (HASTPA) के साइकिलिस्टों ने कम्याणा हिल ट्रेल पर पौधे लगाकर हिमालय के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश दिया। इस पहल में साइकिलिस्टों, वन विभाग के अधिकारियों और प्रकृति प्रेमियों ने मिलकर 50 पौधे रोपे।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि आउटडोर गतिविधियां और माउंटेन बाइकिंग केवल रोमांच तक सीमित न रहकर पर्यावरण के संरक्षण, संवर्धन और जिम्मेदार पर्यटन का माध्यम भी बन सकती हैं। पौधरोपण अभियान में मुख्य वन संरक्षक के. थिरुमल, डीएफओ शिमला अनिकेत, HASTPA के संस्थापक एवं अध्यक्ष मोहित सूद, पूर्व राष्ट्रीय साइकिलिंग चैंपियन अक्षत गौर और राष्ट्रीय साइकिलिस्ट गौरव नेगी सहित करीब 15 साइकिलिस्टों और आउटडोर प्रेमियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागी साइकिल चलाकर कम्याणा की पहाड़ियों तक पहुंचे और ट्रेल के आसपास पौधरोपण किया।
HASTPA के अध्यक्ष मोहित सूद ने कहा
“ये पहाड़ हमें रास्ते और अनमोल यादें देते हैं। हमारा दायित्व है कि हम इन्हें जैसा पाते हैं, उससे बेहतर छोड़कर जाएं। आज लगाए गए ये 50 पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बनेंगे और आने वाली पीढ़ी को छांव देंगे। हम चाहते हैं कि साइकिलिस्ट हिमालयी पर्यावरण के केवल उपभोक्ता न बनकर उसके रक्षक बनें।”
पौधरोपण के बाद सभी प्रतिभागियों ने एक विशेष बोनसाई कार्यशाला में हिस्सा लिया। इसमें छोटे वृक्षों को धैर्य, संवेदनशीलता और वैज्ञानिक तरीके से संवारने व विकसित करने की कला के बारे में जानकारी दी गई। एक ओर जहां पहाड़ियों में भविष्य के लिए नए पौधे रोपे गए, वहीं बोनसाई के माध्यम से प्रकृति को धैर्यपूर्वक समझने की कला सीखी गई। दो दशकों से माउंटेन बाइकिंग को बढ़ावा दे रही HASTPA भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के जरिए प्रकृति के अनुकूल साइकिलिंग संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास जारी रखेगी।
