एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ शिमला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ठियोग में 71 ग्राम अफीम बरामदगी के मामले में पुलिस ने आरोपी और उसके करीबियों से जुड़ी करीब 1.64 करोड़ की संपत्ति सीज की हैं। इनमें आवासीय प्लॉट, कृषि भूमि, दो मंजिला दुकान, वाहन और बैंक व डाकघर खातों में जमा रकम शामिल है। पुलिस के अनुसार, वित्तीय जांच में आरोपी की ज्ञात और वैध आय की तुलना में उसकी संपत्तियां अधिक पाई गईं। इसके बाद प्रथम दृष्टया इन संपत्तियों को नशे की अवैध तस्करी से अर्जित आय से जुड़ा मानते हुए एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।
दुकान से बरामद हुई थी 71 ग्राम अफीम
मामला ठियोग के रहीघाट क्षेत्र का है। पुलिस ने 10 जून को गुप्त सूचना के आधार पर हॉस्पिटल रोड स्थित सोहन लाल की दुकान पर दबिश दी थी। तलाशी के दौरान पुलिस ने दुकान से करीब 71 ग्राम अफीम बरामद की थी। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और नशे की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच शुरू की गई। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी लंबे समय से अफीम की अवैध तस्करी में संलिप्त बताया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि वह ठियोग के अलावा कोटखाई, रोहड़ू और आसपास के क्षेत्रों में अफीम की सप्लाई करता था। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने अब आरोपी की कथित अवैध कमाई और उससे जुड़ी संपत्तियों की भी जांच की।
वित्तीय जांच में सामने आईं करोड़ों की संपत्तियां
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी और उसके निकट सहयोगियों की वित्तीय स्थिति की जांच की। इस दौरान उनके बैंक खातों, डाकघर खातों, संपत्तियों, वाहनों और अन्य वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाई गई। जांच में करीब 1.64 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की पहचान की गई। इनमें एक आवासीय प्लॉट, कृषि भूमि, दो मंजिला दुकान, वाहन और बैंक व डाकघर खातों में जमा रकम शामिल है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की घोषित और ज्ञात आय की तुलना में उसकी संपत्तियां काफी अधिक पाई गईं। वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इन संपत्तियों को प्रथम दृष्टया नशे की तस्करी से अर्जित आय से जुड़ा माना।
