कुल्लू | उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने जिला के सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व संबंधी मामलों का समयबद्ध और प्रभावी निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता को राजस्व सेवाएं उपलब्ध करवाने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और सभी अधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों का निस्तारण करें।
उपायुक्त बुधवार को बहुउद्देश्यीय भवन में आयोजित जिला राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने उपमंडल और तहसील स्तर पर राजस्व विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व संबंधी मामलों का निपटारा ऑनलाइन आरएमएस पोर्टल के माध्यम से किया जाए, ताकि लोगों को पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध सेवाएं मिल सकें।
उन्होंने बताया कि जिला कुल्लू में हिमसेवा पोर्टल के माध्यम से राजस्व मामलों के ऑनलाइन निस्तारण का औसत समय तीन दिन है। उन्होंने इस अवधि को और कम करने के लिए अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने तथा आम लोगों को ऑनलाइन सेवाओं की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने को कहा।
तकसीम, निशानदेही और इंतकाल के मामलों को प्राथमिकता
उपायुक्त ने तकसीम, निशानदेही और इंतकाल से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों को दुरुस्त करने से संबंधित लंबित मामलों का भी शीघ्र समाधान करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर दो वर्ष से अधिक पुराना राजस्व मामला लंबित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए सभी एसडीएम को आरएमएस पोर्टल की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
खानगी तकसीम के मामलों के निपटारे को विशेष प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिस कानूनगो सर्किल में सबसे अधिक खानगी तकसीम के मामलों का निस्तारण होगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य भूमि संबंधी मामलों का शीघ्र समाधान कर लोगों को अनावश्यक देरी और परेशानी से राहत दिलाना है।
विशेष राहत पैकेज और स्वामित्व योजना की समीक्षा
बैठक में उपायुक्त ने विशेष राहत पैकेज के तहत पूर्ण और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त आवासों के लिए पात्र प्रभावित परिवारों को आवंटित की जाने वाली धनराशि तथा संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पात्र परिवारों तक राहत राशि पहुंचाने और संबंधित औपचारिकताएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में ड्रोन सर्वेक्षण, डिजिटल मानचित्रण, संपत्तियों के सत्यापन और पात्र परिवारों को प्रॉपर्टी कार्ड जारी करने की प्रगति की भी समीक्षा की। इसके अलावा जमाबंदी डिजिटाइजेशन, जीरो एंट्री इंतकाल और जमाबंदी तैयार करने के कार्यों की स्थिति जानी। उपायुक्त ने राजस्व मामलों में जारी रिकवरी नोटिस, सरकारी भूमि की लीज, अतिक्रमण से जुड़े प्रकरणों और राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से लंबित मामलों के निस्तारण की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने और लोगों को पारदर्शी, जवाबदेह तथा समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम सुरजीत सिंह राठौर, जिला के सभी उपमंडलों के एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
