बिलासपुर | राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने महिला सशक्तीकरण, युवा विकास और नशामुक्त हिमाचल के निर्माण के लिए समाज के सभी वर्गों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा समाज बनाना जरूरी है, जहां हर बेटी को समान अवसर मिलें, महिलाएं सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन व्यतीत कर सकें तथा युवा आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
राज्यपाल बिलासपुर में लाडली फाउंडेशन की ओर से आयोजित भारतीय उत्कृष्टता पुरस्कार-2026 समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया। उन्होंने आयोजन के लिए फाउंडेशन की सराहना करते हुए पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। राज्यपाल ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति का आकलन केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि महिलाओं को मिलने वाले सम्मान और सुरक्षा, बेटियों के लिए उपलब्ध अवसरों, युवाओं की जागरूकता और आत्मनिर्भरता तथा कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता से भी होता है। उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाएं आज शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, रक्षा, उद्यमिता और राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। इसके बावजूद हर बेटी को शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के समान अवसर उपलब्ध करवाना जरूरी है।
उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को सामाजिक जागरूकता का महत्वपूर्ण आंदोलन बताते हुए कन्या भ्रूण हत्या, लैंगिक भेदभाव, बाल विवाह और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए जनभागीदारी पर बल दिया। नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए राज्यपाल ने कहा कि युवा हिमाचल की सबसे बड़ी पूंजी हैं। नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से खेल, शिक्षा, कौशल विकास, पर्यटन, कृषि, बागवानी और स्वरोजगार जैसे सकारात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा, उपायुक्त बिलासपुर किरण भड़ाना, आईएएस अधिकारी राजीव शर्मा और पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अभिषेक धीमान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने पुरस्कार विजेताओं को ‘सुपर अचीवर्स’ बताते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने जिले में पर्यटन विकास, सड़क संपर्क और रेल सुविधा की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बिलासपुर और मंडी के बीच 12 किलोमीटर लंबे क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना है। साथ ही, शिमला की ओर फोरलेन निर्माण में प्रगति और क्षेत्र में एक वर्ष के भीतर रेल संपर्क उपलब्ध होने की उम्मीद जताई।
