एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर चंडीगढ़ से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर अंतरराज्यीय चिट्टा सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज और वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण कर नशे के मुख्य सप्लायरों तक पहुंच बनाई। गिरफ्तार तीनों आरोपी पंजाब और चंडीगढ़ से जुड़े सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं।

पहला मामला: 22 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़े गए थे दो युवक
पुलिस थाना पश्चिम में दर्ज अभियोग संख्या 215/2026 के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने शोघी चौकी के नजदीक नाकाबंदी के दौरान एक बस की तलाशी ली थी। इस दौरान बस में सवार भुवनेश चौहान (21), निवासी शोघी तथा गुलशन ठाकुर (21), निवासी बानकुफर, कोटखाई के कब्जे से करीब 22 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के साथ डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि दोनों आरोपी चंडीगढ़ से साजन और विकास नामक व्यक्तियों से चिट्टा खरीदकर लाते थे। जांच में विकास उर्फ आकाश को मुख्य सप्लायर पाया गया, जो नशे के कारोबार से प्राप्त धनराशि के लेन-देन के लिए साजन के बैंक खाते का इस्तेमाल कर रहा था। वहीं, साजन उर्फ सैम मुख्य सप्लायर और आगे नशे की आपूर्ति करने वाले व्यक्तियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।
इसके बाद पुलिस थाना बालूगंज की विशेष टीम को चंडीगढ़ भेजा गया। लगातार जांच और प्रयासों के बाद पुलिस ने 27 अक्टूबर 2026 को साजन उर्फ सैम (24) और विकास उर्फ आकाश (25), दोनों निवासी जिला फिरोजपुर, पंजाब को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में चारों आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
दूसरा मामला: 6 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़े गए युवक से मिला सप्लायर का सुराग
पुलिस थाना पश्चिम में दर्ज दूसरे मामले (अभियोग संख्या 201/2026) में भी बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर मुख्य सप्लायर तक पहुंच बनाई गई। 27 सितंबर 2026 को शोघी चौकी के समीप नाकाबंदी के दौरान एक बस की जांच की गई थी। इस दौरान सीट पर बैठे क्षितिज वर्मा (26), निवासी जिला कुल्लू के कब्जे से करीब 6 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया था।
जांच के दौरान पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण से पता चला कि आरोपी चंडीगढ़ के मनीमाजरा निवासी रोहित से चिट्टा खरीदकर लाया था। इसके आधार पर पुलिस थाना पश्चिम की टीम ने 4 अक्टूबर 2026 को मनीमाजरा, चंडीगढ़ से मुख्य सप्लायर रोहित पुत्र रामकृष्ण को गिरफ्तार किया। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
2026 में अब तक 93 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
शिमला पुलिस के अनुसार, नशा तस्करी के खिलाफ अभियान के तहत वर्ष 2026 में अब तक 93 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 68 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। वहीं, वर्ष 2025 में 8 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क तथा वर्ष 2024 में 15 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे।
पुलिस के ये आंकड़े पिछले वर्षों की तुलना में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में आई तेजी को दर्शाते हैं। पुलिस अब केवल नशे के साथ पकड़े जाने वाले आरोपियों तक सीमित न रहकर सप्लाई चेन की कड़ियों को जोड़ते हुए मुख्य सप्लायरों और अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंचने पर विशेष ध्यान दे रही है।
