एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पर्यटन विभाग ने सतलुज नदी में रिवर राफ्टिंग की नई संभावनाओं का परीक्षण किया है। छह नवंबर को किए गए निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण में कुमारसैन क्षेत्र के सैंज के समीप मायापुरी से लुहरी तक करीब चार किलोमीटर लंबे नदी के हिस्से को रिवर राफ्टिंग के लिए उपयुक्त पाया गया है। इस नई साइट के विकसित होने से शिमला जिला में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को विस्तार मिलने की उम्मीद है।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी शिमला जगदीश शर्मा ने बताया कि सतलुज नदी का यह नया राफ्टिंग स्ट्रेच क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के विविधीकरण के साथ साहसिक पर्यटन को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। परीक्षण के लिए गठित समिति ने नदी के इस हिस्से का निरीक्षण करने के बाद इसे रिवर राफ्टिंग के संचालन के लिए उपयुक्त पाया। निरीक्षण दल में अटल बिहारी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान, मनाली के निदेशक अविनाश नेगी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी शिमला और संबंधित तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहे।
उन्होंने बताया कि सतलुज नदी में इससे पहले चाबा से तत्तापानी तक रिवर राफ्टिंग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अब मायापुरी से लुहरी तक एक अन्य राफ्टिंग साइट की संभावनाएं सामने आने से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन का दायरा बढ़ेगा। इससे पर्यटकों को राफ्टिंग के नए अनुभव मिलेंगे और शिमला जिला को पर्यटन के एक प्रमुख साहसिक केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
जगदीश शर्मा के अनुसार, वर्तमान में इस क्षेत्र में रिवर राफ्टिंग गतिविधियों के संचालन के लिए चार ऑपरेटर पंजीकृत हैं। नई साइट विकसित होने से राफ्टिंग कारोबार के साथ होटल, होमस्टे, परिवहन और अन्य आतिथ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सतलुज नदी में रिवर राफ्टिंग की नई संभावनाओं का विकास शिमला जिला में साहसिक पर्यटन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पर्यटकों को पारंपरिक पर्यटन स्थलों के अलावा रोमांचक गतिविधियों का विकल्प मिलेगा और क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार होगा।
