एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश ने पंचायती राज व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम पोर्टल लॉन्च करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने शुक्रवार को डॉ. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासनिक संस्थान में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं को लेकर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर पोर्टल लॉन्च किया।
इस अवसर पर मंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत बेस्ट प्रैक्टिसेज पर आधारित मैगजीन का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम के माध्यम से पंचायतों, पंचायत समितियों (बीडीसी) और जिला परिषदों की बैठकों की कार्यवाही ऑनलाइन की जाएगी। इससे बैठक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध रहेगा।
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय योजनाओं, नियमों एवं प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी होना जरूरी है। नियमों की सही जानकारी और अनुपालना के अभाव में कई बार बजट का समुचित उपयोग नहीं हो पाता तथा पंचायतों के निर्णयों से संबंधित विवाद और न्यायालयीन मामले भी सामने आते हैं। ई-पंचायत प्रणाली से बैठकों की कार्यवाही निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का करीब 90 प्रतिशत क्षेत्र ग्रामीण है और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग पर है। सरकार तकनीक के माध्यम से विभागीय कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है।
ऑनलाइन दर्ज होगी बैठक की पूरी कार्यवाही
मंत्री ने बताया कि हिम ई-पंचायत पोर्टल पर पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक के अधिकारी जुड़ सकेंगे। पोर्टल में हिम एक्सेस के माध्यम से लॉगिन की सुविधा होगी। पंचायत, बीडीसी और जिला परिषद की बैठकों का एजेंडा, बैठक का विवरण और प्रोसिडिंग ऑनलाइन अपडेट की जा सकेगी।
पोर्टल पर प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्यों सहित ग्राम सभा के सदस्यों की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज होगी। बैठक के लिए आवश्यक कोरम की स्थिति सिस्टम के माध्यम से निर्धारित की जा सकेगी। बैठक की कार्यवाही तैयार होने के बाद ई-हस्ताक्षर की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे भौतिक रिकॉर्ड पर निर्भरता कम होगी और बैठक से संबंधित पूरा डेटा डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा।
आम लोग भी देख सकेंगे पंचायत बैठकों की कार्यवाही
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हिम ई-पंचायत पोर्टल को पंचायती राज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से भी जोड़ा जाएगा। इसके बाद भविष्य में आम नागरिक कहीं से भी संबंधित पंचायत की बैठक की कार्यवाही देख सकेंगे। इससे पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग की परिसंपत्तियों के लिए समय-समय पर उपलब्ध करवाए गए बजट का रिकॉर्ड भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 1.14 करोड़ रुपये की लागत से एक पंचायत घर का निर्माण किया जा रहा है तथा प्रदेश के सभी पंचायत घरों को एक समान स्वरूप देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
एनआरएलएम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को केंद्र और राज्य सरकार से प्राप्त बजट का नियमानुसार एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विकसित भारत जी राम जी के प्रभावी क्रियान्वयन और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आय के नए स्रोत विकसित करने पर भी जोर दिया।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा ने कहा कि मंत्री के निर्देशों के बाद वर्ष 2024 से अधिकारियों के लिए इस प्रकार की वार्षिक कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के संबंध में अधिकारियों को अद्यतन जानकारी और आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग पोर्टल भविष्य में पंचायती राज व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र मोहन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संचालित योजनाओं की जिला विकास अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को सही एवं पूर्ण जानकारी होने से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है। दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को विभिन्न योजनाओं और उनके प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य ओम प्रकाश ठाकुर, अतिरिक्त निदेशक एमएसहिपा प्रशांत सरकैक सहित विभिन्न जिलों के जिला विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
