एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण 18 अक्टूबर को उनकी जन्मभूमि सराहन में किया जाएगा। मां भीमाकाली मंदिर के समीप आयोजित होने वाले इस समारोह को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन बुशहर स्पोर्ट्स, कल्चर एंड एनवायरनमेंट एसोसिएशन की ओर से किया जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस अवसर पर 8 से 10 हजार लोग सराहन पहुंचेंगे।
समारोह को सफल बनाने के लिए एसोसिएशन, प्रशासन और ब्लॉक कांग्रेस संयुक्त रूप से तैयारियों में जुटे हुए हैं। आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं से लेकर लोगों की सुविधा तक विभिन्न पहलुओं पर काम किया जा रहा है, ताकि समारोह में पहुंचने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व सांसद एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुकीं प्रतिभा सिंह, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ठियोग के विधायक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर, सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल, रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा तथा एआईसीसी सचिव एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के सह-प्रभारी विदित कुमार चौधरी सहित कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल सोनी ने बताया कि समारोह में शामिल होने वाले अतिथियों की सूची अभी अंतिम नहीं है। इसमें आगे और नाम जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन प्रशासन और ब्लॉक कांग्रेस के साथ समन्वय बनाकर आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रयास कर रही है।
वीरभद्र सिंह की प्रतिमा की स्थापना को लेकर क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह है। प्रतिमा स्थापना के लिए रामपुर उपमंडल की 54 पंचायतों से मिट्टी एकत्र की गई थी। बुशहर रियासत और रामपुर क्षेत्र से वीरभद्र सिंह का गहरा संबंध रहा है। ऐसे में उनकी जन्मभूमि सराहन में प्रतिमा का अनावरण स्थानीय लोगों के लिए भावनात्मक महत्व रखता है।
समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात, पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने संबंधित विभागों और आयोजन समिति के साथ तैयारियों की समीक्षा की थी। अब सभी की निगाहें 18 अक्टूबर को होने वाले इस समारोह पर टिकी हैं।
