एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
रामपुर के खनेरी स्थित महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर में संचालित सरकारी नर्सिंग संस्थान एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला संस्थान की मेस व्यवस्था, छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि प्रशिक्षु नर्सों से मेस के नाम पर प्रति माह ₹3600 वसूले जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। कई छात्राओं को शाम के समय खुद चपाती बनानी पड़ रही है, जिससे व्यवस्थागत खामियां उजागर हुई हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) रामपुर, हर्ष अमरेंद्र सिंह ने शनिवार को संस्थान का औचक निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचने से संस्थान प्रशासन में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान कार्यवाहक प्रधानाचार्य मधु गौतम अवकाश पर पाई गईं। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें सबसे बड़ा मामला यह पाया गया कि पिछले 19 वर्षों से बिना टेंडर प्रक्रिया के एक ही व्यक्ति द्वारा मेस का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा, मेस में कार्यरत तीन पुरुष कर्मचारियों के छात्रा हॉस्टल में रहने की भी पुष्टि हुई है, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। छात्राओं की शिकायत में यह भी सामने आया कि मेस शुल्क देने के बावजूद उन्हें शाम के भोजन के लिए स्वयं व्यवस्था करनी पड़ती है। संस्थान की लाइब्रेरी लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
आरोप यह भी हैं कि छात्राओं से बंदरों को भगाने जैसे कार्य करवाए जाते हैं और शिकायत करने पर उन्हें डराने-धमकाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। रहने की व्यवस्था भी बेहद खराब पाई गई है, जहां एक-एक कमरे में 15-15 छात्राओं को ठहराया जा रहा है। वहीं 85 छात्राओं के लिए केवल एक शौचालय उपलब्ध है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने निरीक्षण के दौरान सभी अनियमितताओं की पुष्टि की और कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुराने रिकॉर्ड भी तलब किए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्राओं को जल्द ही बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
