एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
उपमंडल रामपुर में आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से क्लाउडबर्स्ट एवं फ्लैश फ्लड की काल्पनिक स्थिति पर आधारित एक व्यापक मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान परिकल्पना की गई कि सतलुज बेसिन क्षेत्र में 100 मिलीमीटर वर्षा होने से अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे कई मकानों को नुकसान पहुंचा तथा अनेक लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंस गए।
मॉक एक्सरसाइज का आयोजन रिवर बैंक दत्तनगर, नोगली और डीएवी स्कूल रामपुर में किया गया। तीनों स्थलों पर विभिन्न बचाव एवं राहत एजेंसियों ने आपदा प्रतिक्रिया एवं रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया।
रिवर बैंक दत्तनगर में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), अग्निशमन विभाग एवं होम गार्ड्स ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया। टीमों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाने तथा प्रभावित क्षेत्र से निकासी की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
नोगली में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), अग्निशमन विभाग और होम गार्ड्स ने राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया। इस दौरान विशेष उपकरणों की सहायता से प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने तथा त्वरित आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली का प्रदर्शन किया गया।
वहीं डीएवी स्कूल रामपुर में भारतीय सेना, पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग एवं होम गार्ड्स द्वारा संयुक्त मॉक एक्सरसाइज आयोजित की गई। टीमों ने बाढ़ और तेज बहाव में फंसे लोगों के बचाव, खोज अभियान, निकासी कार्य तथा आपातकालीन राहत उपायों का प्रदर्शन किया।
उपमंडलीय स्तर पर आयोजित इस मॉक एक्सरसाइज का संचालन एवं समन्वय नायब तहसीलदार रामपुर सुरेश नेगी की अध्यक्षता में किया गया। अभ्यास के तहत यह परिकल्पना की गई कि फ्लैश फ्लड की घटना में 17 व्यक्ति घायल हुए, 4 लोगों की मृत्यु हो गई, 2 व्यक्ति लापता हैं तथा 9 मकानों को नुकसान पहुंचा है। विभिन्न एजेंसियों ने घायलों को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने और अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का सफल अभ्यास किया। साथ ही मृतकों के प्रबंधन, राहत कार्यों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का भी प्रदर्शन किया गया।
मॉक एक्सरसाइज के दौरान विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के मध्य समन्वय, संचार व्यवस्था, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम करना तथा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।
इस अवसर पर प्रशासन, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, अग्निशमन विभाग, होम गार्ड्स, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।
