एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (POCSO Court) किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने आरोपी किशोरी लाल पुत्र मनु राम व उम्र 43 वर्ष को 20 वर्ष का कारावास व 10000/- जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले की जानकारी देते हुए उप-जिला न्यायवादी कमल चन्देल ने दी।
उन्होंने बताया कि आरोपी जो रामपुर की एक पंचायत का प्रधान था ने 21-09-2025 को बाल पीड़िता आयु 13 वर्ष जो आठवी कक्षा में पढ़ रही थी तथा अपनी नानी के साथ रहती थी को स्कूल जाते हुए रोका और उसके गले में पहनी हुई रुद्राक्ष की माला के बारे में पुछा और माला को टच किया। शाम को बाल पीड़िता की सहेली को स्कूल से वापिस आते समय आरोपी ने रोका और बताया कि सुबह उसने बाल पीड़िता के गले में पहनी हुई रुद्राक्ष की माला को छुआ तो उसे झटका लगा, उसने आगे बताया कि वह मुस्लमानी विध्या जानता है और उसका मंत्रों द्वारा इलाज करना पड़ेगा और यदि ऐसा न किया तो बाल पीड़िता के परिवार वाले सभी व्यक्ति मर जाएगें। यह बातें पीड़िता की सहेली ने उसे बताई।
15-10-2025 को आरोपी ने बाल पीड़िता को अपने घर बुलाया और उसे पानी पिलाया। आरोपी ने बाल पीड़िता को उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने को कहा लेकिन बाल पीड़िता वहां से जाने लगी, आरोपी ने पीड़िता को हाथ से पकड़ कर वापिस खींचा और उसके साथ ब्लातकार किया। आरोपी तांत्रिक विध्या का डर दिखाकर गलत काम कर रहा था। आरोपी पीड़िता को उससे प्यार करने व फोन पर बात करने को कहता था। अंत में पीड़िता ने तंग आकर यह सब बातें अपनी नानी को बताई तथा नानी ने उसके माता-पिता को बताया जिस पर यह मुकदमा दर्ज हुआ।
अदालत ने सभी आरोपो को सही पाया तथा अपराध की पुष्टी SFSL भेजे गए सैंपलों में भी होनी पाई गई। Trial के दौरान अदालत ने कुल 16 गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए, सभी गवाहों व वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप सही पाए गए और उसे 20 वर्ष का कारावास व 10000/- रु0 जुर्माने की सजा सुनाई। सरकार की तरफ से मुकदमें की पैरवी उप-जिला न्यायवादी कमल चन्देल ने की है।
