एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जिले में नशे के विरुद्ध चल रहे अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सभी अधिकारियों को नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक कार्यों की समयबद्ध रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाए, ताकि अभियान की वास्तविक प्रगति सामने आ सके। उपायुक्त जिला स्तरीय एन-कॉर्ड (NCORD) समिति की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सभी एसडीएम, डीएसपी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
10 दिन में पूरी करें नशा तस्करों की संपत्ति की निशानदेही
उपायुक्त ने सभी एसडीएम और राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा तस्करों की संपत्तियों की निशानदेही से जुड़े लंबित मामलों का निपटारा अगले 10 दिनों के भीतर किया जाए। उन्होंने बताया कि संबंधित मामलों की सूची सभी एसडीएम को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उनकी संपत्तियों की जांच और कानूनी कार्रवाई बेहद प्रभावी साबित होगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तथ्य आधारित होनी चाहिए।
ग्रामीण स्तर पर बढ़ाई जाए जनभागीदारी
अनुपम कश्यप ने सभी एसडीएम को पंचायत स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में नम्बरदार, प्रधान, उपप्रधान और अन्य नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर आयोजित बैठकें स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। हाल ही में निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा अपनी पंचायतों को नशा मुक्त बनाने का लिया गया संकल्प इस अभियान को नई दिशा देगा।
चौपाल और रोहड़ू में अफीम की खेती पर कार्रवाई
बैठक में जानकारी दी गई कि चौपाल उपमंडल में अफीम की खेती के तीन मामले सामने आए हैं, जिन पर आगे की कार्रवाई जारी है। वहीं रोहड़ू उपमंडल में ड्रोन सर्वे के माध्यम से लगभग 3,500 अफीम के पौधे नष्ट किए गए हैं। इसके विपरीत रामपुर के तकलेच, सुंगरी और ननखड़ी क्षेत्रों में अब तक अफीम की खेती का कोई मामला सामने नहीं आया है।
स्कूलों और कॉलेजों में बढ़ाई जाए जागरूकता
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम की रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय और एसएसपी कार्यालय को भी भेजी जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को भी समय-समय पर शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए।
वित्तीय जांच मजबूत करने पर जोर
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत आदतन अपराधियों की रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने नशे के कारोबार में शामिल लोगों की संपत्तियों की वित्तीय जांच को और सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए कहा कि उनकी अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एन-कॉर्ड से संबंधित प्रत्येक सूचना पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड और रिपोर्ट तैयार करना अनिवार्य बनाया जाए।
बैठक में रहे उपस्थित
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
