शिमला (एआरबी टाइम्स ब्यूरो)। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल निर्माता एवं प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की 120वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान को समान रूप से सम्मान देने की अपील की।विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद जयराम ठाकुर ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल ने विकास की लंबी यात्रा तय की है। राज्य के गठन, पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने और विकास की मजबूत नींव रखने में डॉ. परमार की दूरदर्शी नीतियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही।
डॉक्यूमेंट्री पर सवाल: ‘सरकारी कार्यक्रमों को न बनाएं राजनीतिक मंच’
नेता प्रतिपक्ष ने कार्यक्रम के दौरान दिखाई गई विकास यात्रा की डॉक्यूमेंट्री (Documentary) पर गंभीर सवाल उठाए।
योगदान की अनदेखी: उन्होंने कहा कि वृत्तचित्र में डॉ. परमार के सीधे बाद वर्तमान सुक्खू सरकार के कार्यकाल का उल्लेख किया गया, जबकि पिछले 50 वर्षों में कई मुख्यमंत्रियों ने राज्य की प्रगति में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
खुद का प्रचार: जयराम ठाकुर ने कहा कि हमारी सरकार ने हिमाचल के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों में सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान को सराहा था। लेकिन वर्तमान सरकार केवल अपना प्रचार करने में जुटी है और सरकारी मंचों का राजनीतिकरण कर रही है।
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डॉ. परमार का कार्यकाल और हिमाचल का स्वर्णिम विकास
जयराम ठाकुर ने डॉ. परमार के योगदान को याद करते हुए आंकड़ों के जरिए हिमाचल की विकास यात्रा को रेखांकित किया:
सड़क निर्माण को प्राथमिकता: राज्य गठन के समय प्रदेश का बजट केवल 26 करोड़ रुपये था। डॉ. परमार ने अपने 18 वर्ष 83 दिन के कार्यकाल में सड़क नेटवर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
प्रति व्यक्ति आय में उछाल: वर्ष 1948 में हिमाचल की प्रति व्यक्ति आय महज 240 रुपये थी, जो आज बढ़कर 2.83 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।
जीडीपी का विस्तार: प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 27 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 2.64 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कृषि, बागवानी, बिजली, पेयजल और शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल ने जो मुकाम हासिल किया है, वह प्रदेश के सभी नेताओं और जनता के सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है।
