एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
सीटू समन्वय समिति रामपुर की बैठक में एक दिसंबर को दिल्ली में प्रस्तावित मजदूर प्रतिरोध कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए रामपुर क्षेत्र से व्यापक मजदूर लामबंदी करने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कामराज ने की, जबकि संयोजक नीलदत्त शर्मा ने कार्यक्रम की तैयारियों की रूपरेखा रखी।
सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह और राज्य कमेटी सदस्य संजीव ने बताया कि सीटू ने एक दिसंबर को दिल्ली में कम से कम एक लाख वॉलंटियर्स को जुटाने का लक्ष्य रखा है। देशभर से मजदूर दिल्ली पहुंचेंगे और रामलीला मैदान से संसद एवं इंडिया गेट की ओर मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण बेरोजगारी, महंगाई, असमानता और रोजगार की असुरक्षा बढ़ रही है। श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करने और चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रमिकों को असुरक्षित बनाने का आरोप भी लगाया।
30 नवंबर तक दिल्ली पहुंचने का आह्वान
सीटू ने सभी यूनियनों और मजदूर संगठनों से तैयारियां तेज करने का आह्वान किया है। रामपुर क्षेत्र के मजदूरों से 30 नवंबर की रात तक दिल्ली पहुंचने और एक दिसंबर सुबह 10 बजे शुरू होने वाले मार्च में शामिल होने की अपील की गई है।
ये हैं प्रमुख मांगें
सीटू की प्रमुख मांगों में चार श्रम संहिताओं को वापस लेना, 45वें और 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशें लागू करना, स्कीम वर्कर्स को मजदूर का दर्जा देना और 42 हजार रुपये न्यूनतम वेतन लागू करना शामिल है। इसके अलावा सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र के रिक्त पद भरने, ठेका मजदूरों को समान काम का समान वेतन देने, सार्वभौमिक न्यूनतम पेंशन लागू करने तथा श्रमिकों के कानूनी अधिकारों की रक्षा की मांग की गई है।
संगठन ने जल, जंगल और जमीन पर जनता के अधिकारों की रक्षा तथा विकास परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के पुनर्वास, पुनर्स्थापन और रोजगार सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है। सीटू नेताओं ने कहा कि हिमाचल के सरकारी, अर्ध-सरकारी, उद्योग, निर्माण, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
