एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला: इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) शिमला में ‘स्क्रब टायफस’ (Scrub Typhus) के दो नए मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। संक्रमितों में एक मरीज मंडी जिले के करसोग का और दूसरा शिमला जिले के दुर्गापुर का रहने वाला है। सोमवार को तेज बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर सात संदिग्ध मरीज मेडिसिन ओपीडी पहुंचे थे। चिकित्सकों की ओर से स्क्रूटनी और ब्लड टेस्ट करवाने पर दो की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद दोनों मरीजों को तुरंत मेडिसिन वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बरसात के इस मौसम में अब तक IGMC में कुल 38 संदिग्ध मरीजों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 3 मामलों की पुष्टि हुई है।
क्या है स्क्रब टायफस और इसके लक्षण?
स्क्रब टायफस ‘ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी’ (Orientia tsutsugamushi) नामक जीवाणु (Bacteria) के कारण होता है। यह झाड़ियों और खेतों में पाए जाने वाले संक्रमित सूक्ष्म कीट (ट्रॉम्बिकुलिड माइट) के काटने से इंसानों में फैलता है।
प्रमुख लक्षण:
104 से 105 डिग्री तक तेज बुखार होना।
जोड़ों में दर्द, कंपकंपी, शरीर में अकड़न और अत्यधिक कमजोरी महसूस होना।
गर्दन, बाजू के नीचे (एक्सिला) या कूल्हों के ऊपर गांठें बनना।
कीट के काटने के स्थान पर काली पपड़ीदार चकत्ता (Eschar) बनना।
बचाव के मुख्य उपाय
पूरी बाजू के कपड़े पहनें: खेतों, घास या झाड़ियों वाले इलाकों में काम करते समय हाथ-पैर पूरी तरह ढके होने चाहिए।
सफाई का रखें ध्यान: घर के आसपास झाड़ियां न उगने दें और जलजमाव को तुरंत साफ करें।
पर्सनल हाइजीन: खेतों या घास वाले क्षेत्रों से लौटने के बाद अच्छे से हाथ-पैर धोएं और कपड़ों को बदलें।
