एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बात उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की 9वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाजार में बिना लेबल बिक रहे खाद्य पदार्थों की बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही, ऐसे खाद्य पदार्थों की जांच अनिवार्य रूप से की जाए जिनमें कृत्रिम रंग या स्वाद के लिए रसायनों का उपयोग किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि गर्मी के मौसम में बाजार में कई संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बिकने लगते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ जाता है। इसलिए विभाग को खाद्य वस्तुओं के सैंपल की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
दूरदराज क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में तैयार होने वाले मिड-डे मील के सैंपल नियमित रूप से लिए जाएं। इसके अलावा रोहड़ू, चिड़गांव, कुपवी और चौपाल जैसे दूरदराज क्षेत्रों में भी सैंपलिंग बढ़ाने और जागरूकता शिविर आयोजित करने को कहा।
बैठक में जानकारी दी गई कि हाल ही में मशोबरा और घणाहट्टी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों से मिड-डे मील के सैंपल लिए गए हैं। साथ ही नगर निगम क्षेत्र में लगभग 30 निरीक्षण किए गए और 12 निगरानी नमूने एकत्रित किए गए हैं।
स्ट्रीट फूड और होटलों पर भी नजर
उपायुक्त ने स्कूलों के आसपास चल रहे खाद्य विक्रेताओं की नियमित जांच और जागरूकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि करीब 600 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को फॉस्टैक के तहत प्रशिक्षण दिया गया है।
इसके अलावा, होटल और अन्य भोजन प्रतिष्ठानों की भी सख्ती से जांच की जा रही है। जिला में अब तक 67 प्रवर्तन और 88 निगरानी नमूने लिए गए हैं, जबकि नगर निगम क्षेत्र में 80 प्रवर्तन और 85 निगरानी नमूने एकत्रित किए गए हैं।
शादियों के खाने की भी होगी जांच
उपायुक्त ने कहा कि शादियों में बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार होता है, इसलिए वहां भी खाद्य सैंपलिंग जरूरी है, ताकि किसी के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो।
कार्रवाई और लाइसेंसिंग की स्थिति
बैठक में बताया गया कि अब तक 15 मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जबकि 26 मामले कोर्ट में लंबित हैं। नगर निगम क्षेत्र में पिछले तीन महीनों में 57 सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा लाइसेंसिंग के तहत नगर निगम क्षेत्र में 280 लाइसेंस जारी किए गए हैं, जबकि पूरे जिला में 238 लाइसेंस और 1849 पंजीकरण किए गए हैं।
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब को सक्रिय करने के निर्देश
उपायुक्त ने विभाग को मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब को शीघ्र कार्यशील बनाने और उसके माध्यम से लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) वीरेंद्र चौहान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा, जिला नियंत्रक नरेंद्र धीमान और होटल इंस्पेक्टर दलीप ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
