एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों के चयन और सत्यापन प्रक्रिया में अहम बदलाव करते हुए नए आदेश जारी किए हैं। इस निर्णय का उद्देश्य उन जरूरतमंद परिवारों को राहत देना है, जो पहले किसी कारणवश बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो पाए थे। नई व्यवस्था के तहत पात्रता मानदंडों को सरल बनाया गया है।
सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान मनरेगा यानी वीबी–जी राम जी योजना में कम से कम 5 दिन कार्य करने वाले परिवारों को भी बीपीएल सूची में शामिल किया जा सकेगा। यह प्रावधान विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इससे अस्थायी मजदूरी पर निर्भर परिवारों की पहचान आसान होगी।
सूची में कोई बदलाव नहीं, सिर्फ छूटे लोग होंगे शामिल
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले से तैयार बीपीएल सूची में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके बजाय छूटे हुए पात्र परिवारों को शामिल करने के लिए अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे मौजूदा लाभार्थियों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे और नए पात्र परिवारों को भी अवसर मिलेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नए आवेदन 18 अप्रैल 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद 21 अप्रैल 2026 तक ब्लॉक स्तर पर गठित कमेटियां पात्र परिवारों की प्रारंभिक सूची जारी करेंगी। यह कमेटियां स्थानीय स्तर पर जांच कर वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान सुनिश्चित करेंगी।
नई व्यवस्था से पात्र परिवारों की पहचान अधिक प्रभावी होगी
इसके पश्चात संशोधित मानकों के आधार पर सत्यापन, अनुमोदन और अपील की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिन परिवारों को सूची में शामिल नहीं किया जाएगा, उन्हें अपील का अवसर भी दिया जाएगा, ताकि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। अंतिम चरण में राज्य स्तरीय समिति की ओर से सातवें चरण की बीपीएल सूची जारी की जाएगी। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से पात्र परिवारों की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। साथ ही सामाजिक सुरक्षा, राशन, आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक समय पर पहुंच सकेगा।
