एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
राजधानी शिमला की प्रतिबंधित सड़कों पर अधिवक्ताओं के वाहनों को रोके जाने के विवाद ने मंगलवार को नया मोड़ ले लिया। अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की गाड़ी सहित कई सरकारी अधिकारियों के वाहनों के चालान काटे।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ताओं ने शिल्ली चौक-छोटा शिमला मार्ग पर वाहनों को रोककर बिना परमिट चल रहे वाहनों पर आपत्ति जताई। इसके बाद पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहनों के चालान किए। जिस समय मंत्री विक्रमादित्य सिंह की गाड़ी को रोका गया, उसमें पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं मंडी संसदीय क्षेत्र से सांसद रहीं प्रतिभा सिंह मौजूद थीं।
कई अधिकारियों के वाहनों की भी हुई जांच
अधिवक्ताओं ने एडीएम (कानून), एसडीएम शिमला सहित कई अधिकारियों के वाहनों को भी रोका। जिन वाहनों के पास वैध परमिट नहीं पाए गए, उनके खिलाफ पुलिस से चालान की कार्रवाई करवाई गई। इस दौरान कुछ वाहन चालकों और अधिवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर के वाहन को भी अधिवक्ताओं ने रोका। इस पर उन्होंने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।
वकीलों का आरोप- नियम सबके लिए समान हों
अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रतिबंधित और बंधित सड़कों पर सरकारी अधिकारी, नेता और प्रभावशाली लोग बिना परमिट के वाहन चला रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। जबकि अधिवक्ताओं को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। वकीलों ने आरोप लगाया कि शिमला यूजर एक्ट के तहत निर्धारित नियमों का व्यापक उल्लंघन हो रहा है। कई वाहन ऐसे हैं जो बिना वैध परमिट या परमिट धारक की मौजूदगी के प्रतिबंधित मार्गों पर संचालित हो रहे हैं। नियमों के अनुसार जिस अधिकारी या व्यक्ति के नाम पर परमिट जारी किया गया है, उसका वाहन में मौजूद होना अनिवार्य है।
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