एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल पथ परिवहन निगम के चालक एवं परिचालक संघ द्वारा 24 जून, 2026 को प्रस्तावित हड़ताल की सूचना के बाद प्रदेशभर में हजारों यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। विशेष रूप से दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों, स्कूली छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों तथा दैनिक आवागमन पर निर्भर लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला विश्व मोहन देव चौहान ने बताया कि हड़ताल की स्थिति में एचआरटीसी की बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे आम जनता की आवाजाही पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि जिला शिमला के निजी बस ऑपरेटरों, टैक्सी यूनियनों, शिक्षण संस्थानों तथा अन्य परिवहन सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि बस सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति में यात्रियों को राहत मिल सके। निजी बस संचालकों को प्रभावित एवं महत्वपूर्ण रूटों पर सेवाएं संचालित करने के लिए विशेष परमिट लेने हेतु आवेदन करने का आग्रह किया गया है।
इसके अलावा निजी शिक्षण संस्थानों, स्कूल वाहन संचालकों तथा अन्य अधिकृत परिवहन संचालकों से भी आवश्यकता पड़ने पर अपने वाहन और प्रशिक्षित चालक उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया गया है। टैक्सी यूनियनों और अन्य सार्वजनिक परिवहन संगठनों से भी पर्याप्त संख्या में वाहन उपलब्ध रखने की अपील की गई है, ताकि यात्रियों को आवागमन में न्यूनतम कठिनाई का सामना करना पड़े।
हड़ताल का सबसे अधिक असर उन ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ सकता है जहां एचआरटीसी ही लोगों के लिए एकमात्र सार्वजनिक परिवहन साधन है। कई क्षेत्रों में विद्यार्थियों की परीक्षाएं, कर्मचारियों की कार्यालय उपस्थिति और मरीजों की अस्पताल यात्राएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को निजी वाहनों या महंगे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। परिवहन विभाग ने बताया कि स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित बस सेवाओं की जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा आवश्यक होने पर वैकल्पिक परिवहन साधनों का उपयोग करें। साथ ही आपातकालीन या आवश्यक यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने सभी परिवहन संगठनों, निजी बस संचालकों, टैक्सी ऑपरेटरों, शिक्षण संस्थानों एवं आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही आम जनता को होने वाली असुविधा को कम किया जा सकता है। विभाग प्रभावित मार्गों पर वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी और आवश्यक कदम उठा रहा है।
