एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को परिधि गृह रोहड़ू में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विधानसभा क्षेत्र में चल रही विभिन्न पेयजल, सिंचाई एवं सीवरेज परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर पेयजल, सिंचाई तथा सीवरेज सुविधाएं पहुंचाना है। इस दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
बैठक में राज्य मद के अंतर्गत रोहड़ू मंडल में प्रगति पर चल रही 43 पेयजल योजनाओं की समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से हजारों लोगों को नियमित एवं बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए तत्काल 1 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की तथा अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
रोहड़ू एसटीपी परियोजना पर विशेष चर्चा
बैठक के दौरान रोहड़ू शहर की सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि एसटीपी के संवर्धन के लिए लगभग 41 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर के लिए आधुनिक एवं सुदृढ़ सीवरेज व्यवस्था आवश्यक है और इसके लिए बजट प्रावधान सुनिश्चित किया जाएगा।
जल जीवन मिशन की 50 परियोजनाएं पूर्ण
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत रोहड़ू मंडल में स्वीकृत 56 परियोजनाओं में से 50 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 6 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। इन परियोजनाओं पर लगभग 142 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को शेष परियोजनाओं को भी शीघ्र पूरा कर हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत संचालित 11 परियोजनाओं में से 9 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 2 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के पूरा होने से किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं मिलेंगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
अतिरिक्त स्टाफ की मांग पर सकारात्मक आश्वासन
बैठक में रोहड़ू जल शक्ति मंडल में बढ़ते कार्यभार को देखते हुए 3 एसडीओ और 7 कनिष्ठ अभियंताओं के पदों की आवश्यकता का विषय भी उठाया गया। इस पर उपमुख्यमंत्री ने आवश्यक पद भरने के लिए उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने नमामि गंगे योजना के तहत रोहड़ू, चिड़गांव और हाटकोटी के लिए 41.55 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना का प्राक्कलन प्रस्तुत किया। इसके अलावा रोहड़ू जलापूर्ति योजना और एसटीपी उन्नयन के लिए 65.70 करोड़ रुपये तथा चिड़गांव में जलापूर्ति एवं सीवरेज प्रणाली के संवर्धन हेतु 51.02 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए।
उपमुख्यमंत्री ने सभी प्रस्तावित परियोजनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
बैठक में विधायक रोहड़ू मोहन लाल ब्राक्टा, हिमफैड के अध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर, एसडीएम रोहड़ू धर्मेश रामौत्रा, डीएसपी रोहड़ू प्रणव चौहान तथा जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
