एसएफआई रामपुर इकाई की सह सचिव पूजा विद्यार्थी ने कहा कि रामपुर ठारला बस लंबे समय से नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही है और यह रूट लगभग बंद हो चुका है। इसके अलावा रामपुर–बसारा बस सेवा भी बंद होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रामपुर से अन्य क्षेत्रों के लिए चलने वाली कई बसें भी समय-सारिणी के अनुसार नहीं चल रही हैं, जिससे लोगों को शिक्षण संस्थानों, कार्यालयों और अन्य जरूरी कार्यों के लिए समय पर पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
एसएफआई सदस्य सुजल मेहता ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन आम जनता का अधिकार है और एचआरटीसी की लापरवाही का सबसे अधिक खामियाजा छात्र, कर्मचारी और ग्रामीण जनता भुगत रही है। उन्होंने मांग की कि बंद किए गए सभी बस रूटों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए तथा सभी बसों का संचालन निर्धारित समय के अनुसार किया जाए।
घेराव के दौरान एसएफआई ने क्षेत्रीय प्रबंधक को चेतावनी दी कि यदि आगामी शुक्रवार तक रामपुर–ठारला और रामपुर–बसारा बस सेवाएं बहाल नहीं की गईं और अन्य बसों का संचालन भी समय-सारिणी के अनुरूप शुरू नहीं हुआ, तो संगठन शुक्रवार से रामपुर बस स्टैंड पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। संगठन ने कहा कि आंदोलन की स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और एचआरटीसी प्रशासन की होगी।
सुजल मेहता ने कहा कि विद्यार्थियों और आम जनता की परिवहन संबंधी समस्याओं का समाधान होने तक एसएफआई का आंदोलन जारी रहेगा।
