एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुर में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर एसएफआई ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने बुधवार से कॉलेज परिसर में 24 घंटे का सांकेतिक अनशन शुरू करते हुए उच्च शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार से लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की है। एसएफआई का कहना है कि आंदोलन शुरू करने से पूर्व महाविद्यालय प्रशासन, उपमंडल प्रशासन, पुलिस विभाग तथा नागरिक अस्पताल खनेरी को इसकी विधिवत सूचना दे दी गई थी, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो सके।
एसएफआई रामपुर इकाई के सचिव राहुल विद्यार्थी ने कहा कि छात्र संगठन पिछले कई महीनों से विभिन्न छात्र समस्याओं को लेकर लगातार ज्ञापन और मांगपत्र सौंपता आ रहा है, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार अनदेखी के चलते छात्रों में रोष है और इसी के चलते संगठन को सांकेतिक अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।
संगठन ने महाविद्यालय में बंद पड़े जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, एमएससी फिजिक्स और कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रमों को दोबारा शुरू करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही इन विभागों में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति, ओल्ड कॉमर्स ब्लॉक की जर्जर इमारत का पुनर्निर्माण अथवा मरम्मत तथा परिसर में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
एसएफआई ने छात्रों की परिवहन समस्याओं का भी मुद्दा उठाते हुए रामपुर बस डिपो से संचालित बस सेवाओं को नियमित करने, निर्धारित समय-सारिणी का पालन सुनिश्चित करने और छात्र हित में बंद किए गए बस रूटों को फिर से बहाल करने की मांग रखी। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित प्रशासन की होगी।
अनशन में ऋतिक, विक्रांत, सुकृति, हर्षिता, सारिका, गुनगुन, मुकेश, सुजल, मुस्कान, अनुज, चमन, पीयूष, रंजना, पूजा, सिद्धांत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
