एआरबी टाइम्स ब्यूरो, सोलन। हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में पुलिस नाके से बचकर भागने की कोशिश कर रहे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, बरोटीवाला टोल बैरियर पर नाकाबंदी के दौरान पकड़े जाने के डर से युवक ने कथित तौर पर चिट्टा (हेरोइन) निगल लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे बद्दी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान दून क्षेत्र निवासी चालक विक्रम ठाकुर के रूप में हुई है।
इस मामले में पुलिस ने कार में सवार तीन अन्य युवकों विक्रम सिंह, गौरव कुमार और आशीष मेहता को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नशीला पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन और हथियार समेत अन्य सामान बरामद किया है।
पुलिस नाके पर कार रोकने के बजाय भगाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि हरियाणा की ओर से चिट्टे की एक बड़ी खेप बद्दी क्षेत्र में पहुंचाई जा रही है। सूचना के आधार पर गुरुवार रात बरोटीवाला टोल बैरियर के पास पुलिस ने नाकाबंदी की थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को पुलिस कर्मियों ने रुकने का इशारा किया। पुलिस के मुताबिक, कार चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार में उसे भगाने का प्रयास किया। इस दौरान कार ने पुलिस वाहन को टक्कर मार दी और बरोटीवाला चौक की ओर निकल गई। पीछा किए जाने के दौरान कार एक ट्रक से भी टकरा गई।
घिरने पर चिट्टा निगलने का पुलिस का दावा
पुलिस का कहना है कि कार को घेर लिए जाने के बाद गिरफ्तारी के डर से विक्रम ठाकुर ने कथित तौर पर चिट्टा निगल लिया। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। पुलिस ने उसे तत्काल बद्दी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें 9.02 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। इसके अलावा 20 रुपये का अधजला नोट, एल्युमिनियम फॉयल के टुकड़े, इलेक्ट्रॉनिक वजन मापने की मशीन, एक खंजर और मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद चिट्टा कहां से लाया गया था और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। जांच के दौरान मुख्य सप्लायर, नशे की खेप पहुंचाने वाले नेटवर्क और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।
