एआरबी टाइम्स ब्यूरो, सोलन | हिमाचल प्रदेश के दवा हब बद्दी में फर्जीवाड़ा करने वाले ठगों पर शिकंजा कसते हुए औषधि नियंत्रण प्रशासन और हरियाणा पुलिस ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। बद्दी के शीतलपुर में (M/s Dr. Trustmed) नाम से अवैध फार्मा कंपनी चला रहे आरोपी अजय कुमार को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मूल रूप से कांगड़ा का निवासी है।
नकली कागजातों के दम पर ऐंठता था ऑर्डर प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी जाली दवा निर्माण लाइसेंस (Fake Drug Manufacturing License), फर्जी जीएमपी (GMP) और जीएलपी (GLP) प्रमाणपत्र तैयार कर खुद को वैध दवा निर्माता बताता था। शीतलपुर स्थित कार्यालय से एक महिला कर्मचारी के जरिए विभिन्न राज्यों के दवा कारोबारियों और खरीदारों से फोन पर संपर्क साधकर दवाओं के ऑर्डर बुक किए जाते थे। मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब कैथल और जीरकपुर के दो दवा खरीदारों ने आरोपी को करीब डेढ़ लाख रुपये का ऑर्डर दिया, लेकिन पैसे लेने के बावजूद दवाओं की सप्लाई नहीं की गई। इसके बाद कैथल के खरीदार ने साइबर पुलिस थाना कैथल में शिकायत दर्ज कराई। हरियाणा पुलिस ने हिमाचल औषधि नियंत्रण प्रशासन से संपर्क साधा और बुधवार रात बद्दी में दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा। छापेमारी के दौरान पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, नकली लाइसेंस और प्रमाणपत्र जब्त किए हैं।
“बद्दी में फर्जी फार्मा कंपनी चलाए जाने की गुप्त सूचना पर हरियाणा पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। अब तक डेढ़ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है, लेकिन आशंका है कि आरोपी ने कई अन्य राज्यों के व्यापारियों को भी इसी तरह चूना लगाया है। मामले की आगे की जांच हरियाणा पुलिस कर रही है।” — मनीष कपूर, राज्य औषधि नियंत्रक, हिमाचल प्रदेश
