एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Himachal Congress) में संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए हाईकमान ने सख्त रुख अपना लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि संगठन के कामकाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो पदाधिकारी संगठन की गतिविधियों को समय नहीं दे पा रहे हैं, वे स्वेच्छा से अपना पद छोड़ दें। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय ‘राजीव भवन’ शिमला में आयोजित जिला अध्यक्षों और प्रभारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विनय कुमार ने यह कड़ा संदेश दिया।
निष्क्रिय नेताओं को हटाकर सक्रिय कार्यकर्ताओं को मिलेगी कमान
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के दिशा-निर्देशों पर आयोजित इस बैठक में संगठन की गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई।
हाईकमान के निर्देश: AICC ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) को साफ निर्देश दिए हैं कि जो नेता पार्टी के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं या निष्क्रिय हैं, उन्हें तुरंत पद से हटाया जाए और उनकी जगह जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी जाए।
15 दिन का समय अनिवार्य: पीसीसी (PCC) के जिला प्रभारियों को संगठन के कार्यों और बैठकों के लिए हर महीने कम से कम 15 दिन का समय अनिवार्य रूप से देना होगा।
कार्रवाई की चेतावनी: प्रदेश संगठन महामंत्री विनोद जिंटा ने स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर संगठन की बैठकें ठीक से नहीं हो रही हैं। उन्होंने कार्यक्रमों से नदारद रहने वाले पदाधिकारियों को सीधे चेतावनी दी है।
संगठन विस्तार के लिए तय हुई समय-सीमा
बैठक में शामिल अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव विदित चौधरी ने सभी पदाधिकारियों को अनुशासन और बेहतर तालमेल से काम करने की हिदायत देते हुए अहम समय-सीमा तय की:
30 अगस्त तक गठन: 30 अगस्त तक प्रदेश के सभी जिलों, ब्लॉकों, बूथों, पंचायतों और जोन समितियों का गठन हर हाल में पूरा करना होगा।
मासिक बैठकों की व्यवस्था: विनोद जिंटा ने निर्देश दिए कि हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस की बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों की विस्तृत जानकारी पार्टी के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जिनमें प्रभारियों की मौजूदगी अनिवार्य रहेगी।
