एआरबी टाइम्स ब्यूरो, ऊना | हिमाचल प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत ऊना पुलिस ने नशा तस्करों की अवैध कमाई पर बड़ा प्रहार किया है। फरवरी 2026 में करीब 35 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल, अल्प्राजोलम और प्रेगाबालिन टैबलेट्स की खेप बरामदगी मामले में वित्तीय जांच (Financial Investigation) करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसकी पत्नी के नाम दर्ज करीब 85.75 लाख की संपत्ति फ्रीज कर दी है।। ऊना जिले में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत वित्तीय जांच के आधार पर संपत्तियों को जब्त/फ्रीज करने की यह अपनी तरह की पहली बड़ी कार्रवाई है।
अंब थाना पुलिस ने की कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई पुलिस थाना अंब के तहत दर्ज मामले में अमल में लाई गई है। फरवरी में बड़ी मात्रा में नशीली गोलियों के साथ अंब निवासी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की ओर से नशे के काले कारोबार से जुटाई गई संपत्ति और बैंक खातों की गहन पड़ताल शुरू की। जांच में आरोपी व उसकी पत्नी के नाम पर अंब क्षेत्र में भारी संपत्ति और खातों का खुलासा हुआ। सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए 20 अगस्त को थाना प्रभारी अंब की ओर से इन संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश जारी किए गए।
फ्रीज की गई संपत्तियों का ब्योरा:
अचल संपत्ति: अंब क्षेत्र में स्थित एक दो मंजिला रिहायशी मकान और 8 मरले जमीन।
वाहन: 2 हल्के मोटर वाहन (LMV) तथा 1 माल वाहक (Goods Transport LMV) वाहन।
बैंक व डाक खाते: 1 बैंक खाता और 9 पोस्टल सेविंग (डाकघर बचत) खाते।
केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी पुलिस
ऊना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ जेल भेजने या कोर्ट में चालान पेश करने तक सीमित नहीं रहेगी। तस्करों ने नशे के कारोबार से जो भी संपत्ति बनाई है, उसे कानून के दायरे में लाकर जब्त किया जाएगा। पुलिस प्रशासन के अनुसार, जिले में नशे से जुड़े अन्य बड़े मामलों में भी वित्तीय जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई अन्य तस्करों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
