शिमला | हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में साइबर ठगी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। शातिर अपराधियों ने एक 81 वर्षीय बुजुर्ग को अपना शिकार बनाते हुए उनके बैंक खाते से 5.51 लाख रुपये उड़ा लिए। आरोपी ने खुद को बैंक मैनेजर बताकर पीड़ित को खाता ब्लॉक होने और नोटिस जारी होने का डर दिखाया था। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर पेंशन कार्ड का विज्ञापन देखने के बाद आया कॉल
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर Senior Citizen Pension Card से जुड़ी एक जानकारी देखी थी। इसके कुछ ही समय बाद उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसके प्रोफाइल पर बैंक का लोगो (Logo) लगा हुआ था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का प्रबंधक बताया और दावा किया कि बुजुर्ग के नाम पर बैंक से एक आधिकारिक नोटिस जारी हुआ है, जिसके कारण उनका खाता ब्लॉक किया जा रहा है। फोन नंबर संदिग्ध लगने पर बुजुर्ग ने उसे तुरंत ब्लॉक कर दिया। हालांकि, इसके बावजूद उनके खाते से अलग-अलग किस्तों में कुल 5,51,700 रुपये कट गए।
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बैंकिंग जानकारी साझा किए बिना निकली रकम, पुलिस जांच जारी
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने कॉल करने वाले के साथ कोई भी गोपनीय बैंकिंग विवरण या ओटीपी (OTP) साझा नहीं किया था। खाते से पैसे कटने का मैसेज मिलते ही उन्होंने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया। साइबर क्राइम सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करवाया और ज़ीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज की। इसके बाद मामला आगे की जांच के लिए शिमला के सदर पुलिस थाना ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस बैंक खातों के लेनदेन (Bank Transactions) और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की सघन जांच कर रही है। उन्होंने आम जनता से सोशल मीडिया विज्ञापनों और संदिग्ध कॉल से सतर्क रहने की अपील की है।
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साइबर ठगी से सुरक्षा के महत्वपूर्ण टिप्स:
फोन पर कभी भी किसी के साथ पासवर्ड, यूआईडी या बैंक डिटेल साझा न करें।
सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनधिकृत विज्ञापनों और लिंक्स से सावधान रहें।
किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
