एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
जिला शिमला के सुन्नी के ओगली क्षेत्र से लापता हुए पिता-पुत्री की तलाश का दर्दनाक अंत हो गया है। करीब 12 दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पहले पिता और अब 18 वर्षीय बेटी का शव सतलुज नदी से बरामद हुआ है। दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर पुलिस की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार कुलदीप राणा अपनी 18 वर्षीय बेटी स्नेहा के साथ 12 सितंबर की रात पिकअप वाहन में कुमारसैन की ओर गए थे। रात करीब डेढ़ बजे कुलदीप ने अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत कर बताया था कि वे पंदोआ पहुंच चुके हैं और करीब 10 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद पिता-पुत्री से संपर्क नहीं हो पाया।
परिजनों ने तलाश शुरू की तो ओगली के पास उनकी पिकअप सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। वाहन का कंडक्टर साइड का शीशा टूटा हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार वाहन से कुलदीप की चाबियां, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और स्वेटर बरामद हुआ, जबकि स्नेहा का हुड भी पिछली सीट से मिला था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना देकर अनहोनी की आशंका जताई।
सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर भी पिता-पुत्री की तलाश की गई। जांच में पिकअप के ओगली, कोठी और चेबड़ी क्षेत्र में जाने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि कुलदीप ने रात के समय कोठी स्थित पेट्रोल पंप से करीब 500 रुपये का डीजल भी भरवाया था।
पुलिस और परिजनों ने सड़क मार्ग के अलावा सतलुज नदी तथा आसपास के क्षेत्रों में भी तलाश अभियान चलाया। नदी में खोज के लिए नावों का भी इस्तेमाल किया गया।
आठ दिन बाद मिला पिता का शव
लापता होने के करीब आठ दिन बाद 20 सितंबर को कुलदीप राणा का शव सतलुज नदी से मंडी जिले की ओर करला/निहरी क्षेत्र के समीप बरामद हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद परिजनों ने शव की पहचान की।
पिता का शव मिलने के बाद भी बेटी स्नेहा का कोई सुराग नहीं लग पाया था। इसके बाद पुलिस और परिजनों ने सतलुज नदी के अलग-अलग हिस्सों में उसकी तलाश जारी रखी।
24 सितंबर को बरामद हुआ बेटी का शव
24 सितंबर को 18 वर्षीय स्नेहा का शव भी सतलुज नदी से बरामद होने की सूचना मिली। इसके साथ ही करीब 12 दिनों से जारी पिता-पुत्री की तलाश समाप्त हो गई। दोनों की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
वहीं, मामले की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों ओगली के पास पिकअप वाहन छोड़ने के बाद नदी तक कैसे पहुंचे। वाहन का टूटा शीशा, गाड़ी से बरामद सामान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और दोनों के शव मिलने की परिस्थितियां जांच के अहम बिंदु हैं।
फिलहाल पुलिस की ओर से मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में इसे हादसा, आत्महत्या या किसी आपराधिक घटना से जोड़कर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पिता-पुत्री की मौत से परिवार और क्षेत्र में शोक का माहौल है। अब पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा कि 12 सितंबर की रात ओगली से सतलुज तक आखिर क्या घटनाक्रम हुआ था।
