एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
नवरत्न सतलुज जल विद्युत निगम की 1500 मेगावाट परियोजना में कार्यरत कुछ संविदा कर्मचारियों के वेतन से सितंबर 2025 में काटी गई कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की राशि करीब एक वर्ष बीतने के बाद भी उनके EPF खातों में जमा नहीं होने का मामला सामने आया है। इसको लेकर सतलुज जल विद्युत निगम कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन, 1500 मेगावाट, संबंधित सीटू (CITU) ने कड़ी नाराजगी जताई है।
सतलुज जल विद्युत निगम कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन, 1500 मेगावाट, संबंधित सीटू के महासचिव कामराज ने बताया कि मजदूरों के वेतन से EPF के रूप में राशि काटे जाने के बावजूद उसे संबंधित खातों में जमा नहीं किया गया। यूनियन ने इसे मजदूरों के साथ गंभीर अन्याय बताते हुए कहा कि EPF मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण अधिकार है और वेतन से काटी गई राशि को निर्धारित समय पर जमा करना संबंधित नियोक्ता या ठेकेदार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की मेहनत की कमाई से काटी गई राशि को लंबे समय तक रोककर रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उनके सामाजिक सुरक्षा अधिकारों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
यूनियन ने मांग की है कि सितंबर 2025 की लंबित पूरी EPF राशि तत्काल मजदूरों के खातों में जमा की जाए। साथ ही, राशि जमा करने में हुई देरी के कारण देय ब्याज तथा मजदूरों को हुए अन्य आर्थिक नुकसान की भी भरपाई की जाए।
यूनियन ने प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि मामले का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और श्रम विभाग में शिकायत दर्ज कराने के साथ आवश्यक कानूनी एवं आंदोलनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन एवं ठेकेदार की होगी।
