एआरबी टाइम्स ब्यूरो, ऊना
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को ऊना में आयोजित एंटी-चिट्टा जन-जागरूकता वॉकथॉन की अगुवाई की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। वॉकथॉन इंदिरा स्टेडियम से शुरू होकर न्यू बस अड्डे तक गई और वापस इंदिरा स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई। इसमें जिलेभर से विद्यार्थियों और आम लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वॉकथॉन से पहले मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को एंटी-चिट्टा शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस लड़ाई को सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो लोग बच्चों को चिट्टा बेचकर पैसा कमा रहे हैं और युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं, उन्हें स्पष्ट संदेश है कि हिमाचल में नशे के कारोबारियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि चिट्टा बेचने वालों और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करते हुए उन्हें इससे बाहर निकालने के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी। नशा बेचने वाले और नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को एक नजर से नहीं देखा जा सकता।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने साथियों को नशे की ओर जाने से रोकने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दोस्त अपने साथी के सबसे करीब होता है और उसके व्यवहार में आने वाले बदलाव को सबसे पहले पहचान सकता है। युवाओं की छोटी-सी सतर्कता किसी परिवार को टूटने से बचा सकती है। उन्होंने कहा कि सच्चा दोस्त वही है, जो अपने साथी को नशे की ओर ले जाने के बजाय उसका हाथ पकड़कर गलत रास्ते पर जाने से रोके।
उन्होंने कहा कि पुलिस चिट्टे के नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन केवल पुलिस के सहारे नशे के खिलाफ यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती। पुलिस तस्कर को पकड़ सकती है और सरकार कानून बना सकती है, लेकिन किसी बच्चे को पहली बार नशा करने से परिवार, दोस्त, शिक्षक और समाज ही रोक सकते हैं। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन का रूप दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में पुलिस के साथ हर मां, पिता, शिक्षक, पंचायत, महिला मंडल, युवा मंडल और प्रदेश के युवाओं का सहयोग जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अभियान का सिपाही बनने का आह्वान करते हुए कहा कि जहां चिट्टा बिकता दिखाई दे, वहां चुप न रहें और विश्वसनीय जानकारी टोल-फ्री नंबर 112 पर दें। सरकार ने विश्वसनीय सूचनाएं उपलब्ध करवाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार की व्यवस्था भी की है।
कई जिलों में आयोजित हो चुके हैं जागरूकता कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल को चिट्टे के सामने झुकने नहीं दिया जाएगा। करीब नौ महीने पहले शुरू हुए एंटी-चिट्टा अभियान के तहत 15 नवंबर 2025 को शिमला में, 1 दिसंबर को धर्मशाला में, 16 दिसंबर को हमीरपुर में और 26 दिसंबर को बिलासपुर में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि अब ऊना में भी इसी संकल्प के साथ लोग एकजुट हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोग केवल वॉकथॉन में शामिल होने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि अपने बच्चों, परिवारों और हिमाचल के भविष्य के लिए कदम बढ़ा रहे हैं। जब समाज जाग जाता है तो कोई भी नशा, माफिया या बुराई उसके सामने टिक नहीं सकती।
मुख्यमंत्री ने 35 से 40 डिग्री तापमान के बावजूद वॉकथॉन में दूर-दूर से पहुंचे विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना की। उन्होंने सफल आयोजन के लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक राकेश कालिया, सुदर्शन बबलू, विवेक शर्मा और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
ऊना जिले के स्कूलों में 17 सितंबर को अवकाश
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 17 सितंबर को ऊना जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की।
उन्होंने 3.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बहुमंजिला खंड विकास कार्यालय भवन ऊना का लोकार्पण किया। इसके अलावा संतोषगढ़ सड़क पर 9.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रामपुर पुल का शिलान्यास भी किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक सुदर्शन बबलू, राकेश कालिया, विवेक शर्मा, कांग्रेस नेता सतपाल रायजादा, हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन कुलदीप कुमार, सदस्य विजय डोगरा व दिग्विजय मल्होत्रा, एंटी चिट्टा बोर्ड के समन्वयक नरेश ठाकुर, सह-समन्वयक संजय भारद्वाज, चेयरमैन दिग्विजय शर्मा, एडवोकेट जनरल अनूप रतन, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
