एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित किसान सचिवालय कमेटी की बैठक नीरथ में आयोजित हुई। बैठक में परियोजना प्रभावित किसानों की लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, आगामी 27 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई।
हिमाचल किसान सभा लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद और कृष्णा राणा ने कहा कि लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित किसानों की मांगों को पूरा करने में सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार समझौते और सहमति बनने के बावजूद प्रभावित किसानों की कई मांगें अभी तक लंबित हैं।
उन्होंने बताया कि बरकेली गांव, फाटी देहरा, बायल और गड़ेच में वर्ष 2021-22 की फसल का मुआवजा अभी तक नहीं दिया गया है। इसके अलावा परियोजना में जमीन देने वाले परिवारों में से 23 परिवारों को अब तक एकमुश्त राशि नहीं मिली है। किसान सभा के साथ सहमति बनी थी कि यह राशि प्रभावित परिवारों को शीघ्र जारी की जाएगी, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि निथर, भूट्टी, करांगला और बढ़ाच ग्राम पंचायत क्षेत्रों में मकानों में आई दरारों का सर्वे होने के बावजूद प्रभावित परिवारों को मुआवजा नहीं मिला है। वहीं, परियोजना निर्माण के दौरान धूल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा भी लंबित है। इससे प्रभावित किसानों में रोष है।
किसान सभा पदाधिकारियों ने कहा कि लुहरी परियोजना प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष लगातार जारी है और जब तक लंबित मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बैठक में प्रेम चौहान, रणजीत, हरदयाल कपूर, काकू कश्यप, सरोजनी, रेखा, कपिल, निहाल, नरेश, ऋषि, ओम प्रकाश, डाटा राम जिष्टू, अंकुश, चमन, बुद्धि सिंह, पदम, दर्शन, महेंद्र, सुंदर कृष्ण, धन सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
