एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | राज्य सरकार ने Nauni University में रजिस्ट्रार बदलने के कुलपति के फैसले को निरस्त कर दिया है। यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एचएस बवेजा ने 5 अक्तूबर को एचएएस अधिकारी एवं रजिस्ट्रार सिद्धार्थ आचार्य की शक्तियां समाप्त कर डॉ. डीपी शर्मा को रजिस्ट्रार का कार्यभार सौंपा था। अब सरकार ने इस आदेश को 6 अक्तूबर को तत्काल प्रभाव से निष्प्रभावी कर दिया है। सरकार के आदेश के बाद सिद्धार्थ आचार्य को रजिस्ट्रार पद पर बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही 5 अक्तूबर को कुलपति की ओर से जारी आदेश के आधार पर किए गए बदलाव को भी समाप्त कर दिया गया है।
राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कुलपति की आपात शक्तियों के तहत किसी वैधानिक पद पर नियुक्त अधिकारी को हटाकर दूसरे अधिकारी को उस पद का कार्यभार नहीं सौंपा जा सकता। सरकार ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार एक वैधानिक पद है और इस पद से संबंधित अधिकार एवं नियुक्ति की व्यवस्था अधिनियम और नियमों के तहत निर्धारित है। सरकार के अनुसार कुलपति की आपात शक्तियों का इस्तेमाल किसी वैधानिक पद पर नियुक्त अधिकारी को हटाने अथवा उसके स्थान पर किसी अन्य अधिकारी को नियुक्त करने के लिए नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर 5 अक्तूबर को जारी आदेश को अगले दिन निष्प्रभावी कर दिया गया।
सरकार ने विश्वविद्यालय प्रशासन को यह भी निर्देश दिए हैं कि 5 अक्तूबर के आदेश के बाद यदि रजिस्ट्रार कार्यालय की कोई फाइल, रिकॉर्ड, रजिस्टर, मुहर, चाबी या अन्य सरकारी संपत्ति किसी अधिकारी को सौंपी गई है तो उसे वापस सिद्धार्थ आचार्य को सौंपा जाए।
