शिमला | हिमाचल प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शिमला पुलिस ने रोहड़ू के मेंहदली क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए करीब 195 ग्राम चरस/भांग बरामद की है। पुलिस ने इस मामले में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार को रोहड़ू उपमंडल की डिटेक्शन सेल टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि ओनिक नेगी निवासी तहसील टिक्कर, जिला शिमला, मेंहदली क्षेत्र में भांग बेचने का अवैध कारोबार कर रहा है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नियमानुसार आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी के पास मौजूद कैरी बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैग से करीब 195 ग्राम चरस/भांग बरामद हुई। इस संबंध में पुलिस थाना रोहड़ू में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले में नियमानुसार आगामी जांच और कार्रवाई जारी है।
ढली चरस बरामदगी मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज
शिमला। चरस बरामदगी मामले में आरोपी को अदालत से राहत नहीं मिली है। पुलिस थाना ढली में दर्ज मामले में करीब 107 ग्राम चरस बरामद होने के बाद आरोपी पलविंदर सिंह की जमानत याचिका माननीय विशेष न्यायाधीश सीबीआई कोर्ट शिमला ने खारिज कर दी है। पुलिस के अनुसार, पुलिस थाना ढली में अभियोग संख्या 06/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी पलविंदर सिंह पुत्र हरविंदर सिंह, निवासी मशोबरा, जिला शिमला के कब्जे से करीब 107 ग्राम चरस बरामद की गई थी। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान साक्ष्य जुटाए गए और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी की जमानत याचिका का अदालत में प्रभावी ढंग से विरोध किया गया। पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। पुलिस की ओर से की गई पैरवी के बाद 12 अक्तूबर को विशेष न्यायाधीश सीबीआई कोर्ट, शिमला ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
शिमला पुलिस ने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, ऐसे मामलों में साक्ष्य-आधारित जांच और प्रभावी न्यायालयीन पैरवी के जरिए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल, अदालत की ओर से आरोपी की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी।
