एआरबी टाइम्स ब्यूरो | मंडी
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह अधिकारियों के दबाव में काम कर रहे हैं और उनके हाथों की कठपुतली बन चुके हैं। जयराम ठाकुर ने वर्तमान कार्यवाहक मुख्य सचिव को स्थायी रूप से नियुक्त किए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह निर्णय सरकार की नीयत पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
मंडी से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि संबंधित अधिकारी की नियुक्ति को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है और अदालत ने सरकार को नोटिस भी जारी किया है। ऐसे संवेदनशील समय में उसी अधिकारी को स्थायी मुख्य सचिव बनाना कई सवाल पैदा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत तीन एफआईआर दर्ज हैं और चेस्टर हिल बेनामी संपत्ति मामले में भी उनका नाम सामने आ चुका है। इसके बावजूद सरकार कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है।
भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के मामलों में कठोर कार्रवाई करने के बजाय ऐसे अधिकारियों को पुरस्कृत कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों के पास कांग्रेस नेताओं और सरकार से जुड़े लोगों के ऐसे राज हैं, जिनके कारण उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि सरकार सेवानिवृत्ति के बाद भी कुछ अधिकारियों को सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति देने की तैयारी में है, जो प्रशासनिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं माना जा सकता।
चिनाब-ब्यास लिंक टनल परियोजना का किया स्वागत
जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा मंजूर चिनाब-ब्यास लिंक टनल परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साबित किया है कि “मोदी की गारंटी मतलब हर काम पूरा होने की गारंटी”। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल समझौते के निलंबन को लेकर सवाल उठाने वालों को केंद्र सरकार ने ठोस जवाब दिया है। पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के बेहतर उपयोग के लिए 2,620 करोड़ रुपये की लागत से दो बड़ी टनल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। परियोजना के तहत लाहौल-स्पीति जिले में लगभग 2,352 करोड़ रुपये की लागत से 8.7 किलोमीटर लंबी चिनाब-ब्यास लिंक टनल का निर्माण किया जाएगा।
