एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की जिला कमेटी ने कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में गायनी ओपीडी को दोबारा बहाल करने की मांग को लेकर संबंधित कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। समिति ने प्रदेश सरकार से मांग की कि कमला नेहरू अस्पताल में स्त्री रोग संबंधी ओपीडी की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध करवाई जाए, ताकि शिमला शहर सहित दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
महिला समिति का कहना है कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अलग से गायनी ओपीडी संचालित की जा सकती है, लेकिन इसके लिए कमला नेहरू अस्पताल की गायनी ओपीडी को बंद करना उचित नहीं है। ओपीडी की कमी के कारण महिलाओं को इलाज के लिए आईजीएमसी और केएनएच के बीच भटकना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समिति ने कहा कि वह लंबे समय से कमला नेहरू अस्पताल की सुविधाओं को बचाने और उनमें सुधार करने के लिए आंदोलन कर रही है। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा अस्पताल में विभिन्न टेस्ट और स्पेशल वार्ड के बढ़ाए गए शुल्क पर रोक लगाने की मांग की गई।
महिला समिति ने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीरता से संज्ञान नहीं लेती है, तो अगले महीने राज्य स्तर पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। समिति ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आगामी आंदोलन तेज करने का ऐलान भी किया।
महिला नेताओं ने किया संबोधित
प्रदर्शन को महिला समिति की जिला सचिव सोनिया शबरवाल, जिला अध्यक्ष पूजा कंवर, जिला कोषाध्यक्ष रमा रावत और राज्य सचिव फालना चौहान ने संबोधित किया। उन्होंने कमला नेहरू अस्पताल में गायनी ओपीडी बहाल करने, स्टाफ की कमी दूर करने और मरीजों पर बढ़े आर्थिक बोझ को कम करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में दीपा, आशा, डोली, नैना, प्रोमिला, मीरा, रेणु धवन सहित कई महिलाओं ने भाग लिया। महिला समिति ने स्पष्ट किया कि महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
