जिला किन्नौर के रूपी क्षेत्र की शिगारचा पंचायत के शिगारचा, हुरुवा तथा डब्लिंग गांव में सोमवार को करीब 10 मिनट की ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से सेब की फसल के साथ-साथ विभिन्न नकदी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीणों के अनुसार ओले इतने बड़े और घने थे कि कुछ ही मिनटों में बगीचों और खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हो गईं। सेब के पेड़ों पर लगे फल बड़ी संख्या में झड़ गए हैं, जबकि कई फलों पर ओलों के गहरे निशान पड़ने से उनकी गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इससे इस वर्ष बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
शिगारचा, डब्लिंग और हुरुवा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतनी तीव्र ओलावृष्टि देखी है। हैप्पी, रधु दास, मुकेश, राजीव, सुन्नी, संजीव, वीरबल, जीवन, मनोज, अन्नू नेगी, ज्ञान प्रकाश, ठाकुर भगत, राज कुमार और आशा सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि सालभर की मेहनत कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गई।
ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि राजस्व, बागवानी एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम को प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर नुकसान का आकलन किया जाए तथा प्रभावित किसानों और बागवानों को शीघ्र उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
वहीं, रूपी के पटवारी रत्न नेगी ने बताया कि शिगारचा पंचायत में ओलावृष्टि से सेब और नकदी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि नुकसान के आकलन के लिए बागवानी विभाग की टीम मौके पर रवाना हो चुकी है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ही वास्तविक नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
