एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर उपमंडल की कूट पंचायत के लोगों को करीब चार महीने के इंतजार के बाद बस सेवा तो मिली, लेकिन अगले ही दिन उन्हें फिर परेशानियों का सामना करना पड़ा। रामपुर से किन्फी रूट पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस शाम को कूट पहुंची, मगर सुबह स्टार्ट नहीं हुई। इससे यात्रियों के साथ स्कूली बच्चों को भी पैदल सफर करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, बस में तकनीकी खराबी आने के बाद यात्रियों को रामपुर की ओर जाने के लिए कुत्तरू तक पैदल पहुंचना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हुई, जिन्हें राजकीय उच्च विद्यालय क्याओ पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर का रास्ता तय करना था। लंबे समय बाद बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों को राहत की उम्मीद थी, लेकिन सुबह बस के खराब होने से उनकी मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ गईं।
ग्रामीण अनिल बुधेल, भूप सिंह, सुंदर सिंह, अनीता देवी, बिन्दर सिंह और विनोद कुमार ने कहा कि दुर्गम पंचायतों में परिवहन सुविधा का विशेष महत्व है। यहां बस सेवा बाधित होने का सीधा असर विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजमर्रा के काम से बाहर जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ता है। ऐसे में लंबे अंतराल के बाद भेजी गई बस का अगले ही दिन खराब हो जाना चिंता का विषय है।
ग्रामीणों ने एचआरटीसी रामपुर डिपो प्रबंधन से मांग की कि दुर्गम रूटों पर बसें भेजने से पहले उनकी तकनीकी स्थिति की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाली बसें पूरी तरह फिट होनी चाहिए, ताकि बीच रास्ते या गंतव्य पर पहुंचने के बाद यात्रियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
ठंड से बैटरी हुई डाउन
एचआरटीसी रामपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि कूट भेजी गई बस की बैटरी ठंड के कारण डाउन हो गई थी। इसी वजह से सुबह बस स्टार्ट नहीं हो पाई।
