एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
हिमाचल किसान सभा लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को बायल में लुहरी परियोजना प्रमुख से मुलाकात कर आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में कमेटी की अध्यक्षा कृष्णा राणा, महासचिव देवकी नंद, जिला महासचिव प्रेम चौहान, हरदयाल कपूर, कपिल ठाकुर, रेखा, काकू कश्यप, सुंदर जिष्टू, गंगा राम और दर्शन शामिल रहे।
किसान सभा के महासचिव देवकी नंद ने कहा कि परियोजना से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रभावित परिवार कई बार सरकार, प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से बातचीत कर चुके हैं। इस दौरान लिखित समझौते भी हुए, लेकिन इसके बावजूद समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इससे प्रभावित किसानों में भारी रोष है।
किसान सभा ने मांग की कि परियोजना निर्माण के दौरान धूल के कारण फसलों को हुए नुकसान का लंबित मुआवजा जल्द जारी किया जाए। ग्राम पंचायत देलठ, नीरथ और फाटी देहरा में वर्ष 2021-22 का मुआवजा दिया गया है, जबकि फाटी बायल और गड़ैच में सर्वे होने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है। इसी तरह शमाथला, भुट्टी, देलठ, करांगला, बड़ाच, फाटी देहरा, बायल और गड़ैच में वर्ष 2022-23 के फसल नुकसान का सर्वे पूरा हो चुका है, लेकिन प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिला है।
कमेटी ने ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारों का मुआवजा देने की भी मांग की। देहरा, देलठ, नीरथ और शमाथला में भुगतान किया जा चुका है, जबकि नित्थर, भुट्टी, करांगला और बड़ाच में सर्वे पूरा होने के बावजूद मुआवजा लंबित है।
इसके अलावा अधिग्रहित जमीन की एकमुश्त राशि से वंचित परिवारों को भुगतान, बरकेली के 33 परिवारों को फसल नुकसान का मुआवजा, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता और प्रभावित पंचायतों में लाडा की राशि खर्च करने की मांग की गई। दुराह पंचायत के डवारच, मलता और दुराह वार्ड में ब्लास्टिंग से प्रभावित मकानों का सर्वे करवाने की मांग भी उठाई गई।
किसान सभा ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम की होगी।
