एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | Himachal High Court ने रामपुर में रेहड़ी-फड़ी लगाकर आजीविका कमाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने फिलहाल उनके खिलाफ किसी भी तरह की बेदखली या दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। साथ ही नगर परिषद रामपुर को वेंडिंग जोन या प्राकृतिक बाजार घोषित करने और वेंडर्स के पुनर्वास से संबंधित मांग पर समयबद्ध निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने याचिकाकर्ता भाग दासी की याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश जारी किया। याचिकाकर्ता नगर परिषद रामपुर के वार्ड नंबर पांच के पास रेहड़ी-फड़ी लगाकर अपनी आजीविका कमाती हैं।
बेदखली नोटिस के बाद हाईकोर्ट पहुंचे वेंडर्स
प्रशासन की ओर से कुछ स्ट्रीट वेंडर्स को बेदखली के नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद वेंडर्स ने अपनी आजीविका की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया। याचिका में स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका का संरक्षण और विनियमन) अधिनियम, 2014 और प्रदेश में लागू नियमों का हवाला देते हुए चौधरी अड्डा से पुराने बस स्टैंड तक के क्षेत्र को वेंडिंग जोन या प्राकृतिक बाजार घोषित करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत के समक्ष वेंडर्स की आजीविका और उनके पुनर्वास से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
एक सप्ताह में देना होगा नया प्रतिवेदन
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह एक सप्ताह के भीतर नगर परिषद रामपुर को नया और विस्तृत प्रतिवेदन सौंपे। प्रतिवेदन मिलने के बाद नगर परिषद को तीन सप्ताह के भीतर उस पर निर्णय लेना होगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर परिषद निर्णय लेने से पहले लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग उपमंडल रामपुर समेत सभी संबंधित विभागों से उचित परामर्श करेगी। इस दौरान सड़क, यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को भी ध्यान में रखना होगा।
फैसला होने तक नहीं हटाया जाएगा
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि नगर परिषद की ओर से प्रतिवेदन पर अंतिम निर्णय लिए जाने तक याचिकाकर्ता को उसके वर्तमान स्थान से हटाने की कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही उसके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई भी नहीं की जाएगी।इस आदेश से रामपुर में रेहड़ी-फड़ी लगाकर जीवनयापन करने वाले वेंडर्स को फिलहाल राहत मिली है। अब नगर परिषद को वेंडिंग जोन या प्राकृतिक बाजार की मांग पर निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्णय लेना होगा।
