एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित की असीम कृपा से सराहन बुशहर स्थित भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट परिसर में संयोजक स्तरीय महिला निरंकारी संत समागम का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक समागम में बड़ी संख्या में साध-संगत एवं स्थानीय लोगों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम में रामपुर संयोजक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विभिन्न शाखाओं की बहनों ने सुंदर भजनों, गीतों एवं प्रेरणादायक विचारों की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। समागम में रामपुर, ज्यूरी, भुटी, सराहन, किन्नू तथा कुमारसैन क्षेत्र की साध-संगत ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर लगभग 250 से अधिक संतों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही। साथ ही सराहन के आसपास के गांवों से आए महिला मंडलों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
समागम की अध्यक्षता किन्नौर से संबंधित प्रेम लता ने की। उन्होंने अपने संबोधन में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य चाहे सुख में हो, दुख में हो अथवा किसी भी परिस्थिति में हो, यदि वह ईश्वर को जान और पहचान लेता है तो वह सच्चे आनंद की अवस्था को प्राप्त कर लेता है। परमात्मा की जानकारी ही वास्तविक भक्ति का आधार है।
उन्होंने आगे कहा कि संत निरंकारी मिशन ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं एवं बहनों को सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास कर रहा है, ताकि वे मिशन की शिक्षाओं को अपनाकर अपने घर-परिवार में भक्ति, प्रेम और सद्भाव का वातावरण स्थापित कर सकें तथा मानवता, भाईचारे और ईश्वर ज्ञान का संदेश जन-जन तक पहुंचा सकें।
