एआरबी टाइम्स ब्यूरो | सोलन
हिमाचल प्रदेश में नशा माफिया के खिलाफ छेड़े गए अभियान के तहत जिला पुलिस सोलन ने बड़ी कार्रवाई की है। परवाणू में पकड़े गए चिट्टा तस्करी के एक मामले में पुलिस ने नशे के काले कारोबार से कमाई गई 68.16 लाख की राशि को कानूनन फ्रीज कर दिया है।
यह पूरा मामला 12 अप्रैल का है, जब परवाणू पुलिस की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर हाईवे पर स्थित एक निजी होटल के समीप विशेष नाका लगाया था। इस दौरान शिमला-सोलन की तरफ आ रही एक संदिग्ध कार को जांच के लिए रोका गया। कार की तलाशी लेने पर उसमें सवार दो युवकों के कब्जे से 11.45 ग्राम चिट्टा और 3.56 ग्राम मेथामफेटामाइन (नशीला पदार्थ) बरामद हुआ। पुलिस ने नशीले पदार्थों को जब्त कर आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था। इनमें पंकज राज निवासी नारायणगढ़ (अंबाला, हरियाणा) और सिद्धांत गुप्ता निवासी हुडा कॉलोनी, नारायणगढ़ (अंबाला, हरियाणा) शामिल हैं।
डिजिटल ट्रांजेक्शन से बेनकाब हुआ मुख्य सप्लायर
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सोलन पुलिस ने उनके मोबाइल फोन, डिजिटल वॉलेट और बैंक खातों का तकनीकी व वैज्ञानिक विश्लेषण किया। इस जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ। आरोपी पंकज राज ने नशे की खेप खरीदने के लिए अंबाला कैंट के एक मुख्य सप्लायर को अलग-अलग तारीखों पर ऑनलाइन माध्यम से 1,02,000 रुपये ट्रांसफर किए थे। इस पुख्ता वित्तीय लेन-देन के सामने आते ही सोलन पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 15 अप्रैल 2026 को मुख्य ड्रग सप्लायर अमन कुमार (निवासी सुभाष पार्क, अंबाला छावनी) को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। मुख्य सप्लायर अमन कुमार की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सभी आरोपियों के बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट्स की गहराई से स्क्रूटनी की, तो पता चला कि खातों में जमा रकम उनकी वैध आय के मुकाबले कहीं ज्यादा और असंगत थी। आरोपी पंकज के खाते में 67,55,583.02 रुपये और सप्लायर अमन के खाते में 60,938.17 रुपये थे। इन दोनों खातों में जमा कुल 68,16,521.19 रुपये (लगभग 68.16 लाख रुपये) की राशि को सोलन पुलिस ने फ्रीज कर वित्तीय रीढ़ पर कड़ा प्रहार किया है।
