एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू
हिमाचल किसान सभा की बैठक शुक्रवार को किसान मजदूर भवन निरमंड में आयोजित की गई। बैठक में आगामी 13 और 14 अक्टूबर 2026 को रामपुर में होने वाले किसान सभा के राज्य सम्मेलन की तैयारियों और इसके सफल आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान-मजदूर नीतियों के खिलाफ आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा के राज्य सचिव देवकी नंद तथा निरमंड ब्लॉक किसान सभा के अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर और सचिव जगदीश ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण आज खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। कृषि में लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। इससे किसानों की आय में लगातार कमी आ रही है और वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका और न्यूजीलैंड के साथ व्यापारिक समझौतों के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियां लागू कर रही है। वहीं, खाद्य वस्तुओं, चीनी, रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। महंगाई के कारण आम लोगों के लिए परिवार का जीवन-यापन करना मुश्किल होता जा रहा है।
किसान सभा नेताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा रोजगार का महत्वपूर्ण साधन रहा है, लेकिन इसका नाम बदलकर ‘जी राम जी’ करने के बाद ग्रामीण लोगों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर भी केंद्र की नीतियों को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादकों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है और कई मामलों में दो-दो महीने बाद पेमेंट की जा रही है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया का भी विरोध किया गया।
किसान सभा नेताओं ने कहा कि परियोजना प्रभावित किसान आज भी एक प्रतिशत रॉयल्टी, परियोजनाओं से धूल के कारण फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा, जमीन में आई दरारों का मुआवजा, एकमुश्त राशि और रोजगार सहित विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 13 अक्टूबर को रामपुर में इन नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में निरमंड ब्लॉक से 300 से अधिक किसान और मजदूर भाग लेंगे। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और गांव-गांव बैठकें आयोजित कर किसानों व मजदूरों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लामबंद किया जाएगा।
बैठक में दुर्गा नंद, भोगा राम, ख्याला नंद, गुल पाल, चूड़ा राम, ऊषा देवी, सुषमा देवी, पूर्वा, फूला देवी, बृज लाल, रंजना, रमेश, परमिंदर और श्याम लाल सहित अन्य किसान सभा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
