एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत धारगौरा में पारंपरिक बीजों और दलहन फसलों के बीजों के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर एक दिवसीय जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक कृषि विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ उन्नत बीज उत्पादन को बढ़ावा देना और ‘बीज भंडार गांव’ की अवधारणा को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित नेक राम शर्मा ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने किसानों को पारंपरिक बीजों के महत्व और इनके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पारंपरिक बीज हमारी कृषि विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके संरक्षण से कृषि जैव विविधता को बनाए रखने के साथ-साथ स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल फसलों को बढ़ावा देने में भी मदद मिलती है।
शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को पारंपरिक और दलहनी फसलों के बीजों के चयन, उत्पादन, संरक्षण और सुरक्षित भंडारण की जानकारी दी। किसानों को यह भी बताया गया कि संरक्षित बीजों का आगामी फसल चक्र में किस प्रकार बेहतर तरीके से उपयोग किया जा सकता है।
कार्यक्रम में पहाड़ ट्रस्ट के संस्थापक अनूप, आत्मा परियोजना से विजय कुमार, शिवम वालिया और अनु नेगी सहित पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय किसान मौजूद रहे। इस दौरान किसानों ने पारंपरिक बीजों से जुड़ी अपनी जानकारी और कृषि अनुभव भी साझा किए।
आयोजकों ने किसानों से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पारंपरिक बीजों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय बीजों को संरक्षित करना न केवल वर्तमान किसानों के लिए उपयोगी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि की पारंपरिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
यह जागरूकता शिविर पहाड़ ट्रस्ट, आरजीपीकेकेकेवाय, हिमआरआरए नेटवर्क और आत्मा परियोजना के सौजन्य से आयोजित किया गया।
