एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में उच्चतर शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक, समावेशी, कौशलयुक्त और रोजगारपरक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय ज्ञान, कौशल, अनुसंधान, नवाचार, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
शिक्षा मंत्री शनिवार को कुल्लू के देव लोक रिसोर्ट बड़ाग्रां में उच्चतर शिक्षा विभाग एवं राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय प्राचार्य सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का विषय ‘उच्चतर शिक्षा में सुधार’ रखा गया है। मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
26 महाविद्यालयों में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम
रोहित ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 उच्चतर शिक्षा में व्यापक बदलाव की आधारशिला है। प्रदेश के 26 राजकीय महाविद्यालयों में चार वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को शोध और उच्च अध्ययन के नए अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने, अनुसंधान, नवाचार और समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित करना उच्चतर शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
142 राजकीय महाविद्यालयों में 5,071 नियुक्तियां और पदोन्नतियां
शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 142 राजकीय महाविद्यालय हैं। विभिन्न श्रेणियों में अब तक 5,071 नियुक्तियां, पदोन्नतियां और नियमितीकरण किए गए हैं। इनमें 144 प्राचार्य तथा 534 एसोसिएट प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर के पद शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है तथा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सहायक आचार्य के 373 पदों का विज्ञापन जारी किया है।
50 महाविद्यालयों में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार
रोहित ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2025-26 में 50 राजकीय महाविद्यालयों में डिजिटल रूपांतरण की पहल की गई है। इन संस्थानों में डिजिटल पुस्तकालय, अध्ययन केंद्र, आभासी एवं लाइव कक्षाएं, आईसीटी प्रयोगशालाएं और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
1,914 विद्यार्थियों को मिला रोजगार
उन्होंने कहा कि व्यावसायिक स्नातक पाठ्यक्रम का विस्तार किया जा रहा है। वर्ष 2017-18 में 12 महाविद्यालयों से शुरू हुआ यह कार्यक्रम अब 20 राजकीय महाविद्यालयों तक पहुंच चुका है। पिछले पांच वर्षों में इसके माध्यम से 1,914 विद्यार्थियों को रोजगार मिला है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और डिजिटल स्वचालन जैसी उभरती तकनीकों से जोड़ने के लिए कौशल प्रयोगशालाओं, इंटर्नशिप केंद्रों, रोजगार प्रकोष्ठों तथा नवाचार एवं उद्यमिता केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है।
पीएम-उषा के तहत 179.75 करोड़ रुपये स्वीकृत
शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए 179.75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे विश्वविद्यालयों और चयनित महाविद्यालयों में आधारभूत ढांचे एवं संस्थागत विकास को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत अब तक 147 जरूरतमंद विद्यार्थियों को लाभ प्रदान किया गया है।
रैंकिंग से गुणवत्ता सुधार को मिलेगा बढ़ावा
रोहित ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2025 से राजकीय महाविद्यालयों में रैंकिंग एवं पुस्तकालय श्रेणी निर्धारण व्यवस्था शुरू की गई है। इसका उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि स्व-मूल्यांकन, गुणवत्ता सुधार और संस्थागत विकास को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने अंतर-महाविद्यालय रैंकिंग पुस्तिका का विमोचन किया। टीआर-1 श्रेणी में राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर प्रथम, आरकेएमबी शिमला द्वितीय और संजौली तृतीय स्थान पर रहे। टीआर-2 श्रेणी में ठियोग प्रथम, भोरंज द्वितीय और सुन्नी तृतीय रहे। टीआर-3 श्रेणी में दाड़लाघाट प्रथम, धनेटा द्वितीय और संगड़ाह तृतीय स्थान पर रहे।
पुस्तकालय रैंकिंग में हमीरपुर, रामपुर, जोगिन्दरनगर और धर्मशाला महाविद्यालय समान स्थान पर रहे। शिक्षा मंत्री ने सम्मानित महाविद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों को बधाई दी।
वर्ष 2025 से राज्य शिक्षक पुरस्कार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 से राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं प्राचार्यों के लिए राज्य शिक्षक पुरस्कार शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों एवं प्राचार्यों के योगदान को पहचान और सम्मान प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार नीतियां और संसाधन उपलब्ध करवा सकती है, लेकिन इन्हें धरातल पर प्रभावी परिणामों में बदलने में प्राचार्यों और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सम्मेलन में प्राप्त सुझावों और अनुभवों को शिक्षा विभाग की आगामी कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।
इससे पहले निदेशक उच्चतर शिक्षा डॉ. सुनीता सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा प्रदेश में उच्चतर शिक्षा के विस्तार और उपलब्धियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष सेस राम आजाद, कांग्रेस सचिव देवेंद्र नेगी, अतिरिक्त निदेशक राकेश कुमार, संयुक्त निदेशक प्रदीप कुमार, सुशील बस्सी सहित उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारी और प्रदेशभर के महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
