एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
नगर परिषद रामपुर क्षेत्र में हाउस टैक्स निर्धारण के लिए संपत्तियों की नाप-नपाई और वार्डों के वर्गीकरण के बाद अब प्रस्तावित दरों को लेकर लोगों ने आपत्तियां दर्ज करवाई हैं। मंगलवार को आपत्ति दर्ज करवाने का अंतिम दिन था। शहरवासियों ने नगर परिषद से टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया में आवश्यक सुधार करने और जोन तय करने का आधार सार्वजनिक करने की मांग की है।
नगर परिषद की ओर से क्षेत्र के नौ वार्डों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। बताया जा रहा है कि रामपुर बाजार को एक ही जोन में रखा गया है, जबकि नगर परिषद के अन्य क्षेत्रों को ए, बी, सी और डी जोन में विभाजित किया गया है। लोगों का कहना है कि मुख्य बाजार, शिव दवाला मंदिर, रघुनाथ मोहल्ला, शीश महल और शहर की विभिन्न गलियों में व्यावसायिक गतिविधियों, संपत्तियों और नागरिक सुविधाओं की स्थिति अलग-अलग है। ऐसे में पूरे बाजार क्षेत्र को एक ही जोन में रखने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।
नगर परिषद के पूर्व पार्षद ध्रुव शर्मा, सुशील बॉबी, संजीव गुप्ता, हिमेश ठाकुर और बसंत शर्मा सहित अन्य लोगों ने कहा कि कुछ माह पूर्व विभिन्न वार्डों में मकानों की नाप-नपाई करवाई गई थी, लेकिन लोगों को अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस सर्वे के आधार पर गृह कर किस फार्मूले से निर्धारित किया जाएगा।
शहरवासियों ने पुराने और नए निर्धारित टैक्स की राशि का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही मकान के क्षेत्रफल, निर्माण क्षेत्र, आवासीय अथवा व्यावसायिक उपयोग और संबंधित जोन के आधार पर कर निर्धारण की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
लोगों ने कहा कि शिमला नगर निगम की तर्ज पर गृह कर निर्धारित किए जाने की चर्चा है। नगर परिषद को इस संबंध में भी स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्रों में समान दर लागू करना उचित नहीं होगा, क्योंकि सभी क्षेत्रों में सुविधाएं और परिस्थितियां एक जैसी नहीं हैं। लोगों ने नई दरों को अंतिम रूप देने से पहले आपत्तियों और सुझावों पर विचार कर आवश्यक संशोधन करने की मांग की है।
