एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन 412 मेगावाट कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन (संबंधित सीटू) और एसजेवीएन प्रबंधन के बीच ठेका मजदूरों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को महत्वपूर्ण समझौता वार्ता हुई। वार्ता में कई मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी। यूनियन ने इसे मजदूरों की एकजुटता और लंबे समय से किए जा रहे संघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा, महासचिव अमित, यूनियन अध्यक्ष प्रमोद, उपाध्यक्ष नीलदत्त शर्मा और महासचिव तिलक राज ने बताया कि ठेका मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर यूनियन लंबे समय से एसजेवीएन प्रबंधन के साथ वार्ता कर रही थी। यूनियन ने 23 मार्च 2026 को प्रबंधन को 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा था। इसमें ग्रेच्युटी भुगतान, कार्य की प्रकृति के अनुसार पद एवं वेतन निर्धारण, पदोन्नति नीति, वार्षिक इंक्रीमेंट, वर्दी भत्ता, बोनस, स्पेशल अलाउंस, यात्रा भत्ता, मेडिकल अलाउंस और धुलाई भत्ता सहित अन्य मांगें शामिल थीं।
मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर यूनियन ने एक जून से लंच टाइम में विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। इसके बाद 23 जुलाई को एक दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया गया। सहायक श्रम आयुक्त, चंडीगढ़ के हस्तक्षेप के बाद 21 जुलाई को चंडीगढ़ में प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता हुई, लेकिन इसमें ठोस सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यूनियन ने छह अगस्त को हड़ताल करने का निर्णय लिया था।
यूनियन के अनुसार, प्रबंधन के अनुरोध पर 11 अगस्त को दोबारा वार्ता आयोजित की गई। इसमें संविदा कर्मचारियों के वर्दी भत्ते को 7,200 रुपये से बढ़ाकर 8,500 रुपये वार्षिक करने पर सहमति बनी। यह बढ़ोतरी 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। इसी तरह धुलाई भत्ते को 120 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रतिमाह करने पर भी सहमति बनी है। वार्ता में 21 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों को भी बोनस देने पर सहमति बनी। यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। इसके अलावा कार्य की प्रकृति के आधार पर कौशल श्रेणियों के वर्गीकरण को लेकर इसी सप्ताह समीक्षा बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी है। यूनियन की अन्य लंबित मांगों पर भी प्रबंधन ने विचार करने का आश्वासन दिया है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि वार्ता में मिली प्रगति मजदूरों की एकजुटता और लगातार संघर्ष का परिणाम है। हालांकि, ग्रेच्युटी भुगतान तथा कार्य की प्रकृति के अनुसार पद एवं वेतन निर्धारण सहित कई महत्वपूर्ण मांगें अभी भी लंबित हैं। यूनियन ने उम्मीद जताई कि प्रबंधन इन मांगों पर भी जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा।
यूनियन ने स्पष्ट किया कि ठेका मजदूरों के सम्मानजनक अधिकारों और जायज मांगों के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
